BCI. बार काउंसिल ऑफ इंडिया. इनकी तरफ से एक स्टेमेंट आया. कहा कि कानून की पढ़ाईकरके सीधे एग्जाम के जरिए लोअर ज्यूडिशियरी में जजों की भर्ती बंद कर देनी चाहिए.अब जो लॉ के स्टूडेंट हैं. लॉ के डिग्री होल्डर हैं. उन सभी को कम से कम तीन साल तकवकील के तौर पर प्रैक्टिस करनी होगी. ऐसा काउंसिल ने बोला है. प्रैक्टिस के बाद हीउस वकील को जज बनने की परीक्षा देने के काबिल समझा जाएगा. तो इसी पर हम ये जानेंगेकि जज कैसे बनते हैं? जज और मैजिस्ट्रेट की कौन-कौन सी कैटेगरी होती हैं? काम काबंटवारा कैसे होता है? और जज और मैजिस्ट्रेट में क्या अंतर होता है? सब जानने केलिए देखिए वीडियो.