ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से ही इस अटूट गठबंधन परसवाल उठते रहे हैं. यह दावा किया जाता रहा है कि इजराइल के सामने डॉनल्ड ट्रंप कीकोई बात नहीं सुनी जाती. अमेरिकी राष्ट्रपति की इस प्रतिबद्धता का कारण देश में चलरही सत्ता और राजनीति है. यहूदी देश की स्थापना के समय से ही अमेरिका और इजराइल केबीच मजबूत संबंध रहे हैं.