आज कहानी एक चुनाव की. जिसने एक देश में उथल-पुथल मचा रखी है. समझिए कि जंग कामाहौल है. एक तरफ एक नौजवान गायक है. जवां दिलों का चहेता. बदलाव का सिंबल. दूसरीतरफ है, एक मंझा हुआ राजनेता. दो तानाशाहों को हराकर सत्तासीन हुआ गुरिल्ला सैनिक.जिसने वादा किया था, देश में डेमोक्रेसी लाएंगे. फिर उसने वादे की ऐसी-तैसी कर दी.संविधान में हेर-फेर कर अजेय बने रहने का रास्ता साफ़ कर लिया. अब इसी चाह कोचुनौती मिल रही है. इस लड़ाई में सोशल मीडिया ऐप्स पर ताला क्यों लग गया? वोटिंग केदिन राजधानी में मिलिटरी टैंक्स क्या कर रहे हैं? पूरा मामला विस्तार से बताते हैं.