इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की वैश्विक मुहिम में एक नया मोड़ आ रहा है. कारनिर्माता कंपनियां इलेक्ट्रिक योजनाओं को कम कर रही हैं और हाइब्रिड और ईंधन वालेमॉडलों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जिसके चलते उन्हें 70 अरब डॉलर से अधिक कानुकसान उठाना पड़ रहा है. होंडा, फोर्ड, जीएम, स्टेलेंटिस और फॉक्सवैगन सभी अपनीरणनीतियों पर फिर से विचार कर रही हैं.