'ये बाबा नहीं है बवंडर है', हाथरस भगदड़ के चश्मदीद ने नारायण साकार को लेकर क्या-क्या बताया?
जानकारी के मुताबिक़, बाबा ने अपनी सुरक्षा में अपने सेवादारों को ही रखा था. सुरक्षा में लगे ये सेवादार एक तरह का ड्रेस कोड भी पहनते थे. भोले बाबा के सत्संग में पूरी व्यवस्थाएं स्वयंसेवकों के हाथ में ही होती है.
लल्लनटॉप
4 जुलाई 2024 (पब्लिश्ड: 01:03 PM IST)