दिल्ली के वकील महमूद प्राचा के ख़िलाफ FIR दर्ज हो गई है. आरोप- पब्लिक सर्वेंट कोअपनी ड्यूटी निभाने से रोकना और इसके लिए आपराधिक ताकतों का इस्तेमाल करना. महमूदप्राचा वही वकील हैं, जिनके दफ्तर पर दो दिन पहले 24 दिसंबर को दिल्ली पुलिस स्पेशलसेल ने छापा मारा था. छापेमारी इसलिए की गई थी, क्योंकि उन पर कथित रूप से एकफर्ज़ी हलफनामा देने और दंगा पीड़ितों को झूठे बयान देने के लिए मजबूर करने का आरोपहै. प्राचा पर ये आरोप भी है कि उन्होंने एक अन्य वकील के हस्ताक्षर वाला शपथ पत्रआगे बढ़ाया था, जबकि वो वकील तीन साल पहले मर चुका था. देखिए वीडियो.