37 दिन बीत गए पर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलनजारी है. एक जनवरी 2021 को मीडिया से बात करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि अब तकउनकी मांगें नहीं मानी गई हैं. किसान संगठनों का कहना है कि सरकार के साथ अगले दौरकी बातचीत 4 जनवरी 2021 को होनी है. स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने कहा कि अगरहमारी मांगें नहीं मानी गईं तो हम कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) पर मार्च करेंगे. हम एकतारीख बताएंगे कि कब शाहजहांपुर बॉर्डर से आगे बढ़ना है. उन्होंने कहा कि हमारी 50प्रतिशत मांगें मानने का दावा गलत है. हमारी दो सबसे महत्वपूर्ण मांगें अभी तक नहींमानी गई हैं. देखिए वीडियो.