अंतरराष्ट्रीय ख़बरों से जुड़ा हमारा कार्यक्रम- दुनियादारी. इस कथानक में दोस्लोगन्स हैं. पहला नारा असली था. और दूसरा नारा, उस ऑरिजनल स्लोगन की छीछालेदरकरने के लिए उछाला गया. उस पहले नारे से दूसरे नारे तक का फ़ासला एक मुल्क के क्यासे क्या हो जाने का सफ़र है. ये फ़ासला है कल और आज का. एक देश है, जो बीते कल मेंशोषण और दमन के खिलाफ़ एक सुपरपावर से भिड़ गया था. उसने क्रांति करके आज़ादी पाई.वही देश आज अपनी जनता का दमन कर रहा है. विरोध प्रदर्शनों और आलोचनाओं को दबाने केलिए अत्याचार का सहारा ले रहा है. क्या है ये पूरा मामला, विस्तार से बताते हैं.देखिए वीडियो.