कृषि कानूनों को लेकर किसान नेताओं और सरकार के बीच जारी बातचीत लंबी खींच सकती है.एक तरफ जहां किसान नेता नए कृषि कानूनों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं वहींसरकार ऐसा करने से मना कर रही है. 17 जनवरी को केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंहतोमर ने कहा –“हमने किसान यूनियंस को एक प्रस्ताव भेजा है. हम उनसे मंडी, ट्रेडररजिस्ट्रेशन जैसे मुद्दों पर बात करने के लिए तैयार हैं. सरकार तो इलेक्ट्रिसिटीबिल और पराली जलाने के मुद्दे पर भी बात के लिए तैयार है, लेकिन किसान संगठन तोसिर्फ कानून रद्द कराना ही चाहते हैं. इस बयान के जवाब में किसान नेता और भारतीयकिसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक बार फिर कहा कि कसानों को ये कानूनचाहिए ही नहीं और सरकार को इन्हें रद्द करना चाहिए. उन्होंने कहा कि हम इससे कम कुछभी नहीं चाहते हैं.