जाकिर नाइक भी नरेंद्र मोदी की भक्ति में लीन हैं
विवादों के बाद टीवी चैनल को इंटरव्यू दिया, और बोले मैं तो इंडिया लौटने को तैयार हूं.
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फोटो - thelallantop
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जाकिर नाइक, जो इस वक़्त टीवी पर ऐसे छाए हैं जैसे दिल्ली में काले वाले बादल तक नहीं छा रहे. कंट्रोवर्सीज में ऐसे फंसे हैं जैसे डीएनडी के कड़क जाम में कार फंस जाती है. ढ़ाका वाले हमले में इनसे इंस्पायर्ड हुए लोगों की हवा उड़ी. वही जाकिर नाइक टीवी पर मोदी-मोदी करते नजर आए.
इंडिया टुडे टीवी को अपना हालिया पहलौठी टीवी इंटरव्यू देते हुए उनने उवाचा. मैं नरेंद्र मोदी के हिंदू-मुस्लिम को एक करने की कोशिशों का समर्थन करता हूं. ये भी बोले कि मोदी इकलौते पीएम हैं जिनने इतनी मुस्लिम कंट्रीज में इतने कम टाइम में इतने दौरे किए हैं.
ये भी कहा कि मैं इंडिया लौटूंगा. इंडिया लौटने को तैयार हूं. सरकारी एजेंसियों के सवालों का जवाब देने को तैयार हूं. पर सिर्फ इसलिए न लौट आऊंगा क्योंकि मीडिया वाले ऐसा चाहते हैं. मैं मीडिया ट्रायल के लिए इंडिया न लौटूंगा. मैंने चैलेंज किया है. मीडिया एक भी मौक़ा दिखाए जब मैंने आतंकवाद का सपोर्ट किया हो.
एक बांग्लादेशी अखबार ने फर्जी खबर कर दी. और इंडिया के मीडिया ने उस रिपोर्ट को उठा लिया. लेकिन जब उस अखबार ने गलत आर्टिकल पर माफी मांगी, तो किसी ने नहीं छापा.
और क्या कहा मैंने कभी भी मुसलामानों को अमेरिका या किसी के खिलाफ हथियार उठाने को नहीं कहा. मैंने कुछ गलत नहीं किया. कभी दूसरे धर्म के खिलाफ जाने को नहीं कहा. कभी वैमनस्य फैलाने वाली बात नहीं की. मेरे 200 मिलियन फैन हैं. और इसमें से 10-20 अगर मुझे गलत समझ लेते हैं तो आप मुझे ब्लेम कैसे कर सकते हैं? ये आतंकी जो हैं. ये इस्लाम का नाम खराब करते हैं. ये इस्लाम को नहीं मानते. ISIS को इस्लामिक स्टेट कहना गलत है. वो गैर-इस्लामी है. मैं तो यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड चाहता हूं, सब बैठें, बात करें जो बेस्ट हो उसे चुनें और मुझे लगता है इस्लामी कोड सबसे अच्छा है. मैं उसकी पैरवी करूंगा.
एक बांग्लादेशी अखबार ने फर्जी खबर कर दी. और इंडिया के मीडिया ने उस रिपोर्ट को उठा लिया. लेकिन जब उस अखबार ने गलत आर्टिकल पर माफी मांगी, तो किसी ने नहीं छापा.
और क्या कहा मैंने कभी भी मुसलामानों को अमेरिका या किसी के खिलाफ हथियार उठाने को नहीं कहा. मैंने कुछ गलत नहीं किया. कभी दूसरे धर्म के खिलाफ जाने को नहीं कहा. कभी वैमनस्य फैलाने वाली बात नहीं की. मेरे 200 मिलियन फैन हैं. और इसमें से 10-20 अगर मुझे गलत समझ लेते हैं तो आप मुझे ब्लेम कैसे कर सकते हैं? ये आतंकी जो हैं. ये इस्लाम का नाम खराब करते हैं. ये इस्लाम को नहीं मानते. ISIS को इस्लामिक स्टेट कहना गलत है. वो गैर-इस्लामी है. मैं तो यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड चाहता हूं, सब बैठें, बात करें जो बेस्ट हो उसे चुनें और मुझे लगता है इस्लामी कोड सबसे अच्छा है. मैं उसकी पैरवी करूंगा.

