अंतिम संस्कार के डेढ़ साल बाद लड़की के साथ मिला, परिवार ने किसकी लाश जला दी थी?
मर्डर कोर्ट कचहरी सब हो गया था

बिहार के रोहतास में एक परिवार को उस बेटे की खबर मिली जिसका अंतिम संस्कार वो डेढ़ साल पहले कर चुके थे. पुलिस ने शख्स को उत्तर प्रदेश के दीनदयाल उपाध्याय रेलवे जंक्शन से ढूंढ निकाला. साथ में एक नाबालिग लड़की भी थी. उसकी प्रेमिका. वही लड़की जिसके परिवार वालों ने उसके किडनैप होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
लड़के के परिवार को डेढ़ साल तक लगा कि उनका बेटा रवि रंजन कुमार मर गया है.
डेढ़ साल पीछे चलते हैं. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अक्टूबर 2021 में युवती के घरवालों ने FIR दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि रवि रंजन और उसके परिवार ने उनकी बेटी को किडनैप कर लिया है. इसके कुछ दिन बाद भानस ओपी क्षेत्र के मझौली गांव के कुएं से एक शव मिला.
रविरंजन के पिता बसंत राम ने शव की पहचान की और उसे अपना बेटा बताया. शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद बसंत राम ने युवती (कथित तौर पर किडनैप हुई) के पिता, चाचा समेत सात लोगों के खिलाफ रविरंजन की हत्या का मामला दर्ज कराया.
पुलिस ने तब किसी को गिरफ्तार नहीं किया. आगे की जांच में पुलिस को सुराग मिला कि रविरंजन एक युवती के साथ महाराष्ट्र के पुणे में रह रहा है. पुलिस दोनों को पकड़ने के लिए पुणे रवाना हुई तो पता चला कि दोनों उत्तर प्रदेश पहुंच गए हैं. खबर मिली कि वो पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेलवे जंक्शन पर पहुंचने वाले हैं. पुलिस ने बताया कि दोनों ट्रेन से उतरकर रेल लाइन के सहारे भागने की कोशिश कर रहे थे. पुलिस ने पकड़ लिया. रविरंजन को गिरफ्तार कर लिया गया है.
कोचस थाना के SI ललन सिंह ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया
कोचस के वार्ड नंबर 13 निवासी बसंत राम का बेटा रवि रंजन कुमार स्थानीय बाजार की ही एक युवती के साथ फरार हो गया था.
दोनों का कोर्ट में बयान दर्ज कराकर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी. अब तक उस युवक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है जिसके शव को रविरंजन के परिवार ने अपना बेटा समझकर अंतिम संस्कार कर दिया था.
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