दुनिया से लड़कर बच्चा अडॉप्ट करने वाला अब शादी कर रहा है
इसमें दोस्त-यार नहीं, बल्कि आएंगे बेघर, अनाथ लोग और जानवर.
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फोटो - thelallantop
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ये सॉफ्टवेयर इंजीनियर देश का सबसे युवा सिंगल पेरेंट है. यानी बिना शादी और पत्नी के बच्चा अडॉप्ट कर डैडी बनने वाला. इनका नाम है आदित्य तिवारी. और इनके बेबी का नाम अवनीश. खबर ये है कि अब ये शादी कर रहे हैं. पर शादी करना कौन सी बड़ी बात हुई?
बड़ी बात ये है कि शादी में 10 हजार बेघर लोगों, अनाथ बच्चों और 1000 जानवरों को दावत दी जाएगी. और और और जो मेहमान आएंगे न, उन्हें गिफ्ट में चार डालडे वाले लड्डू नहीं मिलेंगे. बल्कि मिलेंगी दवाइयां और किताबें. साथ-साथ अपनी शादी को यादगार बनाने के लिए वो 100 पौधे लगाएंगे. और इसके अलावा शादी में किसी को भी न्योता नहीं दिया गया है. परिवार वालों को छोड़कर.बच्चे को अडॉप्ट करना आदित्य के लिए बड़ा कठिन काम रहा था. इनको कई सालों तक लड़ना पड़ा. चूंकि वो गैर-शादीशुदा थे. और मर्द थे, इसलिए उन्हें बच्चा अडॉप्ट करने की परमिशन नहीं मिल रही थी. नियमों के मुताबिक वो 30 साल की उम्र के पहले बच्चा नहीं अडॉप्ट कर सकते थे. फिर ये उम्र घटा कर 25 कर दी गई. तब जाकर वो बच्चा अडॉप्ट कर पाए. उनके बच्चे को डाउन सिंड्रोम यानी एक ऐसी जेनेटिक बीमारी है जिसमें बच्चे के शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास नहीं होता. इसलिए वो शादी के मौके पर डाउन सिंड्रोम से लड़ने के लिए एक ग्रुप भी लॉन्च कर रहे हैं. आदित्य ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया:
'लोग अपनी शादियों में डीजे बुलाते हैं, सजावट और लंबे-चौड़े खाने के मिनू में लाखों रुपये खर्च कर देते हैं. लेकिन मैं अपनी लाइफ के सबसे अच्छे दिन उन्हें दावत देना चाहता हूं जिन्हें इस तरह के फंक्शन में नहीं बुलाया जाता.'एडॉप्शन को लेकर वो कहते हैं:
लोगों ने मुझे अडॉप्ट करने के लिए मना किया. कहा कि मैं उसका इलाज नहीं करवा पाऊंगा. यहां तक कहा कि बच्चा अडॉप्ट कर लोगे तो कोई लड़की तुमसे शादी नहीं करेगी. मैंने अपना पूरा वक़्त लिया. और इस बात का खयाल रखा कि उससे ही शादी करूं जो मेरे बच्चे से भी प्यार करे. मैं खुश हूं कि मुझे ऐसी लड़की मिल गई.आदित्य जैसे लोगों को हमारा सलाम.

