मानव ठक्कर ने कर दिया वो काम, जो आज तक कोई भारतीय नहीं कर पाया था
दुनिया के नंबर वन टेबल टेनिस प्लेयर बनने वाले पहले भारतीय बने ठक्कर.
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Manav Thakkar तस्वीर DD से साभार.
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मानव ठक्कर. युवा भारतीय टेबल टेनिस प्लेयर हैं. ठक्कर ताजा जारी रैंकिंग में नौ स्थानों की छलांग लगाकर वर्ल्ड नंबर वन बन गए हैं. ठक्कर ने इंटरनेशनल टेबल टेनिस फेडरेशन (ITTF) द्वारा जारी रैंकिंग की अंडर-21 मेंस सिंगल्स कैटेगरी में यह मुकाम हासिल किया.
ठक्कर अंडर-21 कैटेगरी में नंबर वन बनने वाले पहले भारतीय हैं. इससे पहले वह दो साल पहले अंडर-18 कैटेगरी में भी नंबर वन रह चुके हैं. उस वक्त वह टेबल टेनिस के किसी भी एज ग्रुप में वर्ल्ड नंबर वन बनने वाले पहले भारतीय थे.
19 साल के ठक्कर ने बीते दिसंबर में कनाडा में हुए ITTF चैलेंज प्लस बेनेमैक्स-विरगो नॉर्थ अमेरिकन ओपन में अंडर-21 कैटेगरी का खिताब जीता था. उन्होंने अर्जेंटीना के मार्टिन बेंटनकर को 11-3,11-5,11-6 से हराकर यह खिताब जीता था.
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ठक्कर ऐसे स्तर पर अंडर-21 खिताब जीतने वाले चौथे भारतीय हैं. उनसे पहले हरमीत देसाई, जी साथियन और सौम्यजीत घोष यह कारनामा कर चुके हैं. जीत के बाद द हिंदू से बात करते हुए ठक्कर ने कहा,A matter of great pride for India as @manavthakkar16 becomes the world number one in U-21 men’s table tennis. He had previously been the world number one at U-18 level. He is the only Indian to have been ranked number 1 in any age group at the sport.#KheloIndia pic.twitter.com/stTExiEAJF
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) January 4, 2020
'यह शानदार फीलिंग है और मैं सोचता हूं कि यह 2020 की परफेक्ट शुरुआत है. मुझे उम्मीद है कि मैं इसे जारी रख पाऊंगा और साल का अंत भी बेहतरीन करूंगा.'इसी बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने बहुत सारे खेल खेलने के बाद अंततः टेबल टेनिस को अपना करियर बनाया. स्केटिंग और जिमनास्टिक जैसे खेलों के बाद टेबल टेनिस में आए ठक्कर ने कहा,
'टेबल टेनिस में रिफ्लेक्सेज का बड़ा महत्व है और इसमें जिमनास्टिक ने मेरी काफी मदद की. इसके साथ ही इससे मुझे अपना पोस्चर मेंटेन रखने और ध्यान बेहतर करने में मदद मिली.'सूरत बेस्ड ठक्कर ने साथ ही यह भी बताया कि कैसे स्केटिंग ने उनके पैरों की मूवमेंट को बेहतर किया.
Surat-based paddler @manavthakkar16 is u-21 men's world No.1 "I am really happy and delighted to be No.1. A big moment of my career. Canada win was a huge booster, it gave me lot of confidence. I got valuable guidance from @sharathkamal1 ," said Manav@vmittra @sportsgujarat pic.twitter.com/fcQcVb9svP — GSTTA (@gsttatt) January 3, 2020उन्होंने कहा,
'स्केटिंग पैरों की मूवमेंट और चपलता में मदद करती है क्योंकि आप जब मुड़ते हैं तो आपको इनकी जरूरत पड़ती है. टेबल टेनिस में जब आप लॉन्ग बॉल तक पहुंचना चाहते हैं, आपको दोनों पैरों का बेहतरीन इस्तेमाल आना ही चाहिए.'रैंकिंग पर लौटें तो साथियन सीनियर कैटेगरी में 30वीं रैंक पर बने हुए हैं. जबकि अचंता शरत कमल एक स्थान की छलांग लगाकर 33वें नंबर पर पहुंच गए हैं. विमिंस में मनिका बत्रा 61वें नंबर पर बनी हुई हैं.
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