उत्तर प्रदेश पुलिस पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे कुख्यात मुकीम काला गैंग की कमरतोड़ने में लगी हुई है. 2016 की जनवरी में एक राजनीतिक विवाद के चलते यह गैंगराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खी बन गई थी. उस समय बीजेपी ने सांसद हुकुमदेव सिंह नेदावा किया था कि इस गैंग के डर से कैराना के लगभग 350 परिवार पलायन कर चुके हैं.2 जनवरी के रोज मुकीम काला गैंग शार्प शूटर साबिर जंधेड़ी को मार गिराने के बादयूपी पुलिस ने इस गैंग के एक और गुर्गे को घर दबोचा है. पुलिस ने एक मुठभेड़ के बादमुकीम काला गैंग के इंतजार को पकड़ लिया है. पुलिस और मुकीम गैंग के गुर्गो के बीचहुई गोलीबारी में इंतजार के पैर में गोली लग गई थी. इसके बाद वो पुलिस की गिरफ्तमें आ गया था.इससे दो दिन पहले शामली हुए एक एनकाउंटर में पुलिस में पुलिस ने लंबे समय से फरारचल रहे साबिर जंधेड़ी को मार गिराया था. इस मुठभेड़ में पुलिस का जवान अंकित तोमरशहीद हो गए थे.प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शामली एनकाउंटर में शहीद हुए सिपाही अंकिततोमर के परिजनों को 50 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. उन्होंने ट्वीट करकेअंकित तोमर के परिवार के प्रति संवेदना जताई थी.जनपद शामली में बदमाशों से मुठभेड़ में शहीद हुए सिपाही श्री अंकित तोमर जी कीवीरता और साहस को नमन एवं उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ तथा शोकसंतप्त परिवार को आघात सहने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करताहूँ।— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) January 4, 201821 अक्टूबर 2017 के रोज पुलिस स्मृति दिवस के मौके पर आदित्यनाथ ने शहीद होने वालेपुलिसकर्मियों के लिए मुआवजे की राशि को 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करने की घोषणा कीथी. इसमें से 40 लाख रुपए शहीद की पत्नी/पति को और 10 लाख रुपए उनके माता-पिता कोमिलने का प्रावधान रखा गया था. इन ताजा प्रावधानों के चलते अंकित तोमर के परिजनोंको ये राशि दिए जाने की घोषणा की गई है. अंकित 2 जनवरी को शामली में हुए साबिरजंधेड़ी एनकाउंटर के दौरान गोली लगने की वजह से शहीद हुए.गिरफ़्तारी के दौरान मुकीम काला (बाएं) और साबिर (दाएं). फोटो क्रेडिट: हिंदुस्तानटाइम्समुकीम काला गैंग पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सबसे कुख्यात आपराधिक गोलबंदियों में सेएक है. यह गैंग कैराना से हिन्दुओं के पलायन की खबरों के चलते राष्ट्रीय मीडिया कीसुर्खी बन गया था. इसके सरगना मुकीम को अक्टूबर 2015 में गिरफ्तार किया गया था. उससमय उसका सबसे भरोसेमंद सिपहसालार साबिर जंधेड़ी भी उसके साथ ही गिरफ्तार हो गयाथा.शहीद अंकित तोमर2017 की मई में एक पेशी से लौटते हुए साबिर बाराबंकी पुलिस की आंखों में धूल झोंकतेहुए फरार हो गया था. इसके बाद पुलिस ने सबीर के सिर पर इनाम की राशि 50,000 रुपए सेबढ़ाकर एक लाख कर दी थी. पिछले कई महीनों से यूपी पुलिस को साबिर की तलाश थी.2 जनवरी को शामली पुलिस को अपने मुखबिर से खबर मिली कि साबिर अपने घर आया हुआ है.इसके बाद पुलिस ने साबिर के घर को घेर लिया. कई घंटों चले एनकाउंटर के बाद पुलिस नेइनामी बदमाश को मार गिराया. मुठभेड़ के दौरान सिपाही अंकित तोमर के कान में गोली लगगई जो कि बाहर नहीं निकल पाई. उन्हें शामली से नोएडा के फोर्टिस अस्पताल लाया गया,जहां उन्होंने अंतिम सांस ली.--------------------------------------------------------------------------------यह भी पढ़ें आशुतोष नहीं होंगे अगले कुमार, संजय ने उनकी पिछली तनख्वाह बताई...क्या है ये 'कच्चा पानी' जिसके दीवाने हुए जा रहे हैं लोगगुदड़ी के अंदर घुसकर, फेसबुक में 'इट्ज़ चिलिंग' अपडेट करना हर किसी का सौभाग्यनहीं!