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योगी और अखिलेश एक साथ आने वाले हैं!

संसद की तर्ज पर एक काम हुआ है जिसने ये मुमकिन किया है.

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यूपी के मुख्यमंत्री और मुख्य विपक्षी नेता (फोटो - PTI)
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सोम शेखर
28 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 28 फ़रवरी 2023, 01:33 PM IST)
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अब यूपी विधानसभा में चिल्लम-चिल्ली कम होगी. बंद तो नहीं ही होगी. लेकिन कम होने की कल्पना की जा सकती है. दरअसल, अब यूपी की विधानसभा में आचरण, नियमों का पालन और अपने क्षेत्र में प्रदर्शन के आधार पर 'श्रेष्ठ विधायक' बनाया जाएगा. जैसे कॉर्पोरेट कंपनियों में 'एम्प्लॉयी ऑफ़ द क्वॉर्टर' या 'एम्प्लॉयी ऑफ़ द ईयर' बनाया जाता है, वैसे ही.

आजतक से जुड़ीं शिल्पी सेन की रिपोर्ट के मुताबिक़, एक नई पहल के तहत यूपी विधानसभा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने और अपने इलाक़े के लिए अच्छा काम करने वाले विधायकों को पुरस्कृत किया जाएगा. उन्हें 'श्रेष्ठ विधायक' के ख़िताब से नवाज़ा जाएगा. संसद में दिए जाने वाले श्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार की तर्ज़ पर इसकी शुरुआत की जा रही है.

उत्तर प्रदेश विधानसभा के सत्र के सातवें दिन 'उत्कृष्ट विधायक पुरस्कार नियम समिति 2022-23' का पहला प्रस्ताव पेश किया गया है. तय हुआ है कि यूपी विधानसभा के बेस्ट विधायक का चयन एक समिति करेगी. जल्दी ही इस चयन समिति की औपचारिक घोषणा होगी. इस समिति के प्रमुख विधानसभा अध्यक्ष होंगे. और जो सदस्य होंगे उन्हीं की वजह से ये खबर चर्चा में है. 

रिपोर्ट के मुताबिक समिति में सदन के नेता यानी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और नेता प्रतिपक्ष यानी अखिलेश यादव भी होंगे. इनके अलावा विधानसभा के उपाध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष की ओर से नॉमिनेटेड वरिष्ठ विधायक और एक वरिष्ठ पत्रकार होंगे. वहीं समिति के सदस्य सचिव होंगे विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे. ये सब मिलकर बेस्टम बेस्ट विधायक का चयन करेंगे.

कैसे तय होगा बेस्ट विधायक?

श्रेष्ठ विधायक के तौर पर दो विधायकों का चयन किया जाएगा. एक सत्ता पक्ष का और एक विपक्ष का विधायक होगा. अगर श्रेष्ठ विधायक के नाम को लेकर सर्वसम्मति नहीं बनती है, तो ऐसी स्थिति में विधानसभा अध्यक्ष को फ़ैसले का विशेषाधिकार है. अंतिम निर्णय वही करेंगे.

नियमावली में इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि ज़्यादा से ज़्यादा विधायकों को मौक़ा मिले. इसके लिए विधायक चुने जाने के बाद एक कार्यकाल में एक ही बार किसी विधायक को पुरस्कार या श्रेष्ठ विधायक का ख़िताब मिलेगा. सार्वजनिक जीवन में व्यवहार, क्षेत्र में काम कराने को लेकर रुचि, सदन के अंदर व्यवहार, दूसरे सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता, इन सब पैमानों को ध्यान में रखते हुए उनका चयन किया जाएगा.

ये पुरस्कार सालाना मिलेंगे. सबसे पहले 2023 के लिए जो 2024 में दिए जाएंगे.

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