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अब भड़काऊ भाषण नहीं दे पाएंगे यति नरसिंहानंद, ये वजह आई सामने

हरिद्वार धर्म संसद मामले में बेल पर रिहा हैं यति.

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22 मई 2022 (अपडेटेड: 22 मई 2022, 07:32 PM IST)
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यति नरसिंहानंद
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विवादित और भड़काऊ बयानों के चलते चर्चा में रहने वाले गाजियाबाद के डासना मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद ने सार्वजनिक जीवन छोड़ने की बात कही है. इस संबंध में यति नरसिंहानंद ने एक वीडियो जारी किया है. जिसमें ये घोषणा की है कि वो सार्वजनिक जीवन छोड़ रहे हैं. आज से उनका नया जीवन शुरू हो रहा है और पुराने जीवन के लिए वो माफी मांगते हैं.

यति नरसिंहानंद जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर हैं और डासना जेल के पुजारी भी. नरसिंहानंद ने वीडियो जारी कर कहा,

"हम लोग यहां जितेंद्र नारायण त्यागी को लेने आए थे. लेकिन हमारे आने से पहले ही उनकी रिहाई हो गई. वो चले गए हैं. उनका हमारा साथ यहीं तक था. जैसा भी सुखद या दुखद उनका अनुभव रहा, इसके लिए मैं पूर्णत: दोषी हूं. मेरी कमजोरी की वजह से उन्हें चार महीने से ज्यादा जेल में रहना पड़ा. उनकी कोई गलती नहीं थी. उन्होंने केवल सच बोला. लेकिन मैं नरसिंहानंद सरस्वती इसके लिए खुद को जिम्मेदार मानता हूं. मैं उनसे माफी मांगता हूं.

मैं हिंदू समाज से कहना चाहता हूं कि मैंने अबतक का अपना पूरा जीवन इस्लाम के जिहाद से लड़ने में लगाया. और अब शेष जीवन मां और महादेव के यज्ञ व योगेश्वर के प्रचार में लगाना चाहता हूं. आज से मेरा जीवन सार्वजनिक जीवन नहीं है."

यति नरसिंहानंद अपने भड़काऊ बयानों से चर्चा में रहे हैं. हरिद्वार धर्मसंसद में विवादित बयान देने के लिए यति नरसिंहानंद के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी और उन्हें गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद दिल्ली के बुराड़ी इलाके में भी हिंदू महापंचायत का आयोजन किया गया था. इस महापंचायत में भी यति ने भड़काऊ बयान दिया था और उनके ऊपर FIR दर्ज हुई थी.दिल्ली में यति ने कहा था,

"वर्ष 2029 में या वर्ष 2034 में या वर्ष 2039 में मुस्लिम प्रधानमंत्री बन जाएगा. अगर एक बार मुस्लिम प्रधानमंत्री बना तो अगले 20 साल में 50 प्रतिशत हिंदुओं का धर्मांतरण हो जाएगा, 40 प्रतिशत की हत्या कर दी जाएगी और बाकी बचे 10 प्रतिशत या तो शरणार्थी शिविरों में होंगे या दूसरे देश में होंगे."

इससे पहले भी यति कई बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं. यति महिलाओं पर भी बेहद आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं. यति ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो में कहा था,

"पहले मुसलमान औरतें प्रोस्टिट्यूट होती थीं, पेट की आग बुझाने के लिए ये धंधा करती थीं. आज ज्यादातर हिंदू औरतें होती हैं, जो पेट के कारण नहीं अपनी वासना के कारण मुसलमानों के जाल में फंसी और बर्बाद हो गईं. औरतों की बर्बादी के लिए केवल औरतें दोषी नहीं हैं, हमारा ‘हिजड़ापन’, हमारी ‘नपुंसकता’, हमारी कमज़ोरी भी दोषी है हिंदुओ."

हरिद्वार धर्म संसद मामले में यति फिलहाल बेल पर हैं.

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