ऐसा करो. वैस करो. ये न करो. वो न करो. सबकुछ हम दूसरे पर ही थोपना चाहते हैं. येनहीं देखते कि हम क्या कर रहे हैं. हम दूसरे के लिए भी वैसी ही आजाद ख्याली सोचक्यों नहीं रखते जैसी अपने लिए. पाकिस्तान की एक्टर और डायरेक्टर यसरा रिज़वी.जिंदगी उनकी. शादी उनकी. फैसले उनके. मगर अब्दुल्ला दीवाना हो गया. ऐसा दीवाना किगलत बयानी खुद कर रहे हैं. मगर परेशान यसरा को होना पड़ रहा है. और निशाना भी उनबातों को लेकर बनाया जा रहा है. जिसे सुनके उनकी सोच पर तरस आता है. पता नहीं येकौन सी जमात पनप गई है. जो बिना सर पैर की बातें ऐसे करने बैठ जाती है, जैसे वोमछली बाज़ार में बैठे तरह तरह की आवाजें निकाल रहे हो. बख्श दो भय्या. काहे इतनेबौखलाए रहते हो. क्या तुम्हारी जिंदगी में ज़रा भी रंगीनी नहीं. अगर है तो एन्जॉयकरो. यसरा रिज़वी 34 साल की हैं. पाकिस्तानी ड्रामा में अदाकारी के जलवे दिखा चुकीहैं. उन्होंने ड्रामा प्रोडूसर अब्दुल हादी से शादी की है. अब्दुल हादी उनसे 10 सालछोटे हैं. सबसे पहले लोगों को इससे ही दिक्कत हुई कि बताइए अपने से छोटे लड़के सेशादी कर ली. लोगों ने मजाक उड़ाया. ऐसा बोला कि अगर उनको बोल दिया जाए तो अपनी जगहसे उखड़ जाएं. यसरा की उम्र पर बूढ़ी घोड़ी लाल लगाम की कहावतें कही गईं. क्या भाई कौनसी किताब में लिखा है कि अपनी उम्र से कम लड़की से शादी नहीं कर सकते. तब क्यों चुपहो जाते हो जब कोई बुज़ुर्ग कमसिन से शादी कर लेता है तब क्यों वो बूढ़ा गधा क्योंनहीं बन जाता. तब क्यों उन्हें कोई दुहाई नहीं दी जाती. हर मसला लड़की से ही क्योंपूछा जाता है? अब जब तुमने यसरा से सवाल पूछ ही लिया ही तो जवाब भी सुन लो. कराराजवाब है. क्योंकि अगर तुम्हें जानकारी होती तो इस्लाम की दुहाई देकर यसरा को ट्रोलन करते. अब कर ही चुके हो तो उनके इस जवाब की गांठ बांध लेना. ताकि दोबारा ऐसीहिमाकत किसी के साथ न कर सको. यसरा ने फेसबुक पर लिखा. 'जब मोहम्मद साहब की शादी,हज़रत खदीजा से हुई तो उनकी उम्र महज़ 25 साल थी. और हज़रत खदीजा की उम्र 40 साल थी.हो गई न सिट्टी पिट्टी गुम. कर दिया न लाजवाब. अब दो इस्लाम की दुहाई. अगर इस्लामको जान लिया होता तो शायद ऐसे मजाक न उड़वाते फिरते. क्योंकि इस्लाम ने पहले ही ऐसीमिसालें पेश कर दी हैं ताकि तुम जैसे लोगों की जबानों पर ताला लगाया जा सके. मगरउसके लिए ज़रूरी है इल्म का होना.दूसरा बवाल किया मेहर की रकम को लेकरमेहर वो रक़म है जो किसी लड़की का होने वाला शौहर लड़की को तोहफे के तौर पर देता है.लेकिन यह रक़म लड़की तय किया करती है. इस मेहर को न तो वापस लिया जा सकता है और ना हीमाफ़ करने के लिए लड़की पर दबाव डाला जा सकता है. इस रक़म के निकाह के पहले अदा कियाजाना चाहिए या फिर लड़की जैसी शर्त रखे उसके मुताबिक. जब लड़की की शर्त को तरजीह दीगई है. तो फिर उसे ही डिसाइड करने दो न कि वो क्या चाहती है? क्यों बवाल मचा रहेहो? ठीक है कि अब तक ये मेहर आपने रकम या फिर ज्वेलरी या ज़मीन के रूप में ही देतेदेखा है. अगर यसरा ने अपने मेहर में अपने शौहर से सुबह की नमाज़ पढ़ना मांग लिया तोकौन सा ऐसा गुनाह कर दिया जिसकी वजह से इस्लाम को नुकसान पहुंचा हो. इसपर तोतुम्हें और भी खुश होना चाहिए क्योंकि उसने तो लड़के से नमाज़ पढ़ना मांगा है. यसरारिज़वी ने इस बात का जवाब देते हुए एक वीडियो फेसबुक पर अपलोड किया. उन्होंने कहा,'मैं एक ऐसी इंसान हूं, जिसे चंद लोग जानते हैं या चंद लोग मुझसे प्रभावित होतेहैं. तो अगर मैंने ऐसी मिसाल कायम चाही कि मैंने कम खर्च में शादी की. और नमाज़ फज्र(सुबह की नमाज़) को अपना हक़ मेहर रखा तो मेरी अक्ल हैरान है कि ये न तो किसी कामसलाहै और उस पर भी ट्रोल किया जा रहा है. क्या हम लोग सिर्फ और सिर्फ ट्रोल करनाजानते हैं.ये रहा वीडियो सुन लोयसरा रिज़वी ने पाकिस्तान के कई नामवर ड्रामों में अदाकारी की है. इनमें 'दाग', 'मनके मोती' और 'मिजाज़ी खुदा' वगैरहा शामिल हैं. उन्होंने पाकिस्तानी हिट फिल्म 'मंटो'में भी काम किया है. यसरा कहती हैं, अब्दुल हादी बिल्कुल टाइगर श्रॉफ से दिखते हैं.