कल दिल्ली वालों के पास है 'यहूदी की लड़की' देखने का मौका
‘आग़ा हश्र कश्मीरी’ का बहुचर्चित नाटक, इंटरेस्ट हो तो यहां पधारें.
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फोटो - thelallantop
‘यहूदी की लड़की’नाटककार: आग़ा हश्र कश्मीरीनिर्देशिका: ‘साजिदा’युवा नाट्य समारोहसाहित्य कला परिषद्, दिल्ली सरकार.
तो पुनीत ने हमें ये संदेशा भेजा, पुनीत लल्लनटॉप के रीडर हैं और मित्र भी. एक है नाटक 'यहूदी की लड़की' श्रीराम सेंटर सभागार में 24 नवंबर को खेला जाएगा. शाम 6:30 बजे साहित्य कला परिषद् आयोजित कर रहे हैं 'युवा नाट्य समारोह' उसी में. तो पुनीत ने हमें इस कार्यक्रम के बारे में बताया. हम आपको बता रहे हैं, समय निकालिए और जा पहुंचिए.
‘यहूदी की लड़की’ ऐतिहासिक उर्दू नाटक है, और जब जब पारसी थिएटर का ज़िक्र होता है, आग़ा हश्र कश्मीरी का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता आग़ा हश्र कश्मीरी हिंदी-उर्दू के महत्वपूर्ण नाटककार हैं, उनके नाटकों की संरचना में व्यावसायिकता का सस्तापन कहीं नहीं दिखाई पड़ता.
‘आग़ा हश्र कश्मीरी’ का बहुचर्चित नाटक ‘यहूदी की लड़की’, आज के दौर में ख़ास तौर पर प्रासंगिक है जहां सांप्रदायिक ताक़त सर उठा रही हैं और तनाव का माहौल पैदा कर रही हैं. नाटक में यहूदियों पर होने वाले रोमनों के अत्याचार को उभारा है.
24 नबम्बर को साहित्य कला परिषद् के युवा नाट्य समारोह में होने वाला नाटक ‘यहूदी की लड़की’ का निर्देशन ‘साजिदा’ साजी ने किया है. जिसे आज के दौर के समय में प्रासंगिक बनाने के लिए कुछ नए प्रयोग भी किए हैं.
‘साजिदा’ राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से 2008 बैच की पास आउट हैं साथ ही साथ लगभग 5 साल(2009-2015) तक राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के रंगमंडल में भी काम किया है. पुरानी फिल्म ‘यहूदी’ इसी नाटक पर आधारित है. आपको बिमल रॉय निर्देशित फिल्म ‘यहूदी’-1958 में शैलेन्द्र का ये गीत तो याद ही होगा, ये मेरा दीवानापन है. जिसे मुकेश साब ने आवाज़ दी थी
https://www.youtube.com/watch?v=jBxDcoFVdVQ
और जिसमें दिलीप कुमार, मीना कुमारी, सोहराब मोदी ने अभिनय से जान भर दी थी. फिल्म का एक सीन देखें.
https://www.youtube.com/watch?v=DcloW-WF7l0
अजरा की भूमिका ‘सोहराब मोदी’ व मारकस का किरदार ‘दिलीप कुमार’ ने किया है. जिसे ज़रूर देखना चाहिए.
देखा यहूदी की लड़की भी जाना चाहिए. पता याद है? श्रीराम सेंटर सभागार. कल साढ़े छह बजे.
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