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'आंदोलन कमजोर मत करो...' पहलवानों के प्रदर्शन के बीच फोगाट बहनों में 'झगड़ा' क्यों?

बबीता फोगाट से क्यों नाराज हो गईं विनेश?

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29 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 1 मई 2023, 01:32 PM IST)
Vinesh Phogat, Babita Phogat Twitter war on wrestlers' protests
बबीता और विनेश में लड़ाई क्यों? (आजतक/PTI)
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भारतीय पहलवानों का रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन जारी है. शुक्रवार, 28 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने WFI अध्यक्ष के खिलाफ कनॉट प्लेस थाने में दो FIR भी दर्ज कर ली. इन सबके बीच धरने पर बैठीं विनेश फोगाट बहन बबीता फोगाट से नाराज हो गईं. विनेश ने ये नाराजगी सबके सामने जाहिर की है. ट्विटर पर विनेश ने बबीता से कहा- “आप भी महिला हैं और हमारे दर्द को समझने की कोशिश करें.” ये कहां से शुरू हुआ, आइये जानते हैं.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, फ्रीलांस पत्रकार मनदीप पूनिया ने एक फोटो शेयर करते हुए बताया कि बबीता फोगाट ने उन्हें ब्लॉक कर दिया है. साथ ही मनदीप ने लिखा,

"बबीता फोगाट जो कुछ लिख रही हैं उसका मकसद महिला खिलाडियों के आंदोलन को कमजोर करना है. जनवरी में अपनी ही बहनों के साथ धोखा कर चुकी हैं. अब उसके अनाप शनाप ट्वीट्स का जवाब देने लगा तो उन्होंने मुझे ब्लॉक कर दिया है. बबीता न अपने खेल की सगी हुई और न ही अपनी बहनों की."

इसी ट्वीट को कोट करते हुए विनेश फोगाट ने लिखा, 

“अगर पीड़ित महिला पहलवालों के हक़ में नहीं खड़ी हो सकती तो बबीता बहन आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि हमारे आंदोलन को कमज़ोर तो मत करो. सालों लगे हैं महिला पहलवानों को अपने उत्पीड़क के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने में. आप भी महिला हैं और हमारा दर्द समझने की कोशिश करो."

इससे पहले बबीता फोगाट ने ट्वीट कर लिखा था,

“शून्य से उठकर शिखर तक पहुंचने वाले हम खिलाड़ी अपनी लड़ाई लड़ने में स्वयं सक्षम हैं. खिलाड़ियों के मंच को राजनीतिक रोटी सेंकने का मंच नहीं बनाना चाहिए. कुछ नेता खिलाड़ियों के मंच से अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं. खिलाड़ियों को भी यह ध्यान रखना चाहिए. हम किसी एक के नहीं समूचे राष्ट्र के हैं.”

बताते चलें, 2019 में बबीता भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ गई थीं. जनवरी में पहलवानों के धरना प्रदर्शन के बाद सरकार ने जो ओवरसाइट कमिटी बनाई थी, उसमें बबीता को भी रखा गया था. उस धरने के दौरान बबीता ने पहलवानों और सरकार के बीच मध्यस्थता की थी.  

बृजभूषण ने इस्तीफे पर क्या कहा?

वहीं, देर रात मुकदमा दर्ज होने के बाद 29 अप्रैल की सुबह कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. खिलाड़ियों के आरोपों पर बृजभूषण ने कहा कि वो निर्दोष हैं और वो इस्तीफा नहीं देंगे. बृजभूषण ने कहा,

“मैं इस्तीफा नहीं दूंगा. इस्तीफा देने का मतलब है कि मैंने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार कर लिया. मेरा कार्यकाल लगभग पूरा हो गया है. इस्तीफा कोई बड़ी चीज़ नहीं है. लेकिन मैं अपराधी बनकर इस्तीफा नहीं दूंगा. महीनों से मुझे गालियां दी जा रही हैं. आरोप लगाए जा रहे हैं. लेकिन इन लोगों के बयान लगातार बदलते रहते हैं. इन आरोपों से मेरे परिवार को कष्ट होता है. मुझे सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है. मैं चाहता हूं कि जल्द से जल्द इस मामले की जांच पूरी हो.”

बृजभूषण ने बिना नाम लिए धरने पर बैठे एक खिलाड़ी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा,

“मैंने एक ऑडियो दिया है. इसमें धरने पर बैठा एक खिलाड़ी एक लड़की से कह रहा है कि किसी भी लड़की का इंतजाम कर दो. किसी भी तरफ से इंतजाम कर दो.”

FIR की कॉपी मिली

इस बीच 29 अप्रैल को पहलवान बजरंग पूनिया ने बताया कि उन्हें FIR की कॉपी मिल गई है. हालांकि जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने खिलाड़ियों को एक FIR की कॉपी दी है. दूसरा केस POCSO कानून (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) के तहत दर्ज हुआ है, इसलिए उसकी कॉपी सिर्फ पीड़ित लड़की के परिवार को दी जाएगी.

वीडियो: दी लल्लनटॉप शो: पहलवान और बृजभूषण सिंह का विवाद भारतीय पहलवानी को कितना नुकसान पहुंचाएगा?

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