जीका वायरस का पहला टीका मेक इन इंडिया
हर तरफ जीका से डरने की बात हो रही है. इंडिया के साइंटिस्ट्स ने उस डर से आगे की बात की है. वैक्सीन खोजी है.
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हिमाचल प्रदेश में हेल्थ वर्कर घर-घर जाकर कोरोना के अलावा लेप्रोसी की भी स्क्रीनिंग कर रहे हैं. Source: Reuters
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चहुंओर जी का जंजाल बना पड़ा है जीका वायरस. राहत की खबर ये है कि उसकी वैक्सीन खोज ली गई है. वो भी इंडिया में. साइंटिस्ट्स ने ये दावा किया है.
हैदराबाद की लैब में काम हो रहा था इस पर. वैज्ञानिकों ने टीका खोज डाला. इनफैक्ट टीका नहीं टीके. वो बता रहे हैं कि दो वैक्सीन खोज ली हैं. पूरी दुनिया इस वायरस का तोड़ खोजने में लगी है. इसी बीच हैदराबाद की भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड के एमडी और चेयरमैन डॉक्टर कृष्णा एल्ला ने ये जानकारी दे दी.
कृष्णा ने बताया कि हम पहली कंपनी हैं जिसने वैक्सीन बनाई. 9 महीने पहले से पेटेंट ले रखा था हमने. इसके लिए जिंदा जीका वायरस इंपोर्ट किया था. उसके बाद ये वैक्सीन बनाई. लेकिन उसको पहले जानवरों फिर इंसानों पर आजमाने में अभी खोंच है. सरकार से गुजारिश की जाएगी कि वो आगे बढ़े. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च भी एक कदम आगे चल चुकी है.
डॉ कृष्णा का कहना है कि ये सब सरकारी काम हो जाए तो हम चार महीने में एक लाख डोज बनाने की हालत में हैं. अब इसमें पीएम मोदी डायरेक्ट एक्शन लें तो कुछ बात बने.

