जेकरा गला में शिवजी सुर भरत रहलन, अब ऊ आवाज ना सुनाई दी
जब गाने बैठीं, तो लोग ही नहीं थे, गाना खत्म हुआ तो हजारों की भीड़ तालियां बजा रही थी.
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88 साल की उम्र में भी गिरिजा देवी प्रस्तुति के लिए सहज ही तैयार हो जाती थीं.
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