सऊदी अरब से एक वीडियो चला है. आजकल गजब वायरल हो रहा है. वीडियो में सऊदी अरब कीऔरतें गार्डियनशिप से आजादी मांग रही हैं. नाचने, गाने, झूमने की आजादी मांग रहीहैं. और दुनिया को बता रही हैं कि वो खुद की गार्डियन हैं. यानी अपना खयाल खुद रखसकती हैं. उन्हें जरूरत नहीं कोई मर्द उनका ख़याल रखे. वीडियो में गीत की भाषा हमेंसमझ नहीं आती. पर गीत का म्यूजिक और मिजाज इतना सही है कि सुनकर मन मस्त हो जाताहै. देखिए वीडियो. https://www.youtube.com/watch?v=1rUn2j1hLOo वीडियो में औरतेंबड़े ही मजेदार ढंग से अपनी आजादी मांग रही हैं. वो घूम रही हैं, स्केटिंग कर रहीहैं. शुरुआत में ही हम देखते हैं कि गाड़ी में औरतें पीछे बैठी हैं. और गाड़ी एकबच्चा चला रहा है. वीडियो इस बात पे व्यंग्य कर रहा है कि मर्दों को औरतों सेज्यादा काबिल माना जाता है, फिर भले ही वो मर्द कोई छोटा बच्चा क्यों न हो. वीडियोमें ये भी दिख रहा है कि कितने मज़े से मर्द सूटकेस लिए जहाज के सामने दुनिया घूमनेको तैयार खड़े हैं. वहीं औरतों को बिना मर्दों की इजाजत कहीं भी जाने की छूट नहींहै. वीडियो में डॉनल्ड ट्रम्प भी दिखाई पड़ रहे हैं, जो अपने इस्लामोफोबिकटिप्पणियों के लिए चर्चा में रहे हैं. इस वीडियो के जरिए औरतें ये बताने की कोशिशकर रही हैं कि हम बुर्का पहनती हैं तो क्या हुआ, हम पिछड़ी औरतें नहीं हैं.क्या है सऊदी अरब में औरतों का हालवर्ल्ड इकनॉमिक फोरम ने सऊदी अरब को जेंडर गैप में 134वें नंबर पर रखा है. येरैंकिंग 145 देशों में की गई है. तो आप आलम समझ सकते हैं. यहां हर औरत का गार्डियनयानी रक्षक होना जरूरी है. जिसके बिना वो कहीं आ-जा नहीं सकतीं. साथ ही साथ सऊदीअरब ही एक ऐसा देश है जहां औरतों को ड्राइव करने की छूट नहीं है. और तो और वोटडालने की भी छूट नहीं थी. मगर 2011 में ये बैन हटाया गया और औरतों ने 2015 में पहलीबार वोट डाला. सऊदी अरब की औरतों में इन चीजों को लेकर गुस्सा बहुत है. औरधीरे-धीरे ही सही वो सोशल मीडिया के सहारे अपनी आवाज़ बुलंद कर रही हैं. ऐसी औरतोंको हमारा सलाम.