व्हाट्सऐप के सेक्सिस्ट जोक ने दिया मौका जेल जाने का
वीमेंस डे पर जोक्स के दौर चल रहे थे. व्हाट्सऐप ग्रुप एकदम हरियाया हुआ था. घटिया जोक्स भेजते भेजते पहुंच गए जेल.
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फोटो - thelallantop
वीमेंस डे पर औरतों के नाम सेक्सिस्ट जोक्स बना कर भेजना इंदौर के मेडिकल स्टूडेंट्स को भारी पड़ गया. खेलते खेलते पहुंच गए जेल.
पहले के लौंडे लोग ग्रुप बनाते थे पढ़ने लिखने के लिए. ताकि जो कुछ क्लास बंक करने से रह गया है वो कवर हो जाए. या फिर दारू पीने के लिए. फिर जब व्हाट्सएप आया तो इस पर ग्रुप बनाने लगे. पढ़ने-लिखने के लिए नहीं, हंसी-मजाक के लिए. बतियाने के लिए. संता बंता और नॉनवेज जोक्स के लिए.
एमजीएम टाइटंस के नाम से व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाया था लड़कों ने. वीमेंस डे वाले दिन बतिया रहे थे. सेकेंड ईयर के एक स्टूडेंट ने एक मैसेज डाला.
"क्या तुमलोग वीमेंस डे की हिस्ट्री जानते हो? शुरूआत में इसे 6 मार्च को मनाने के लिए प्लान किया गया था. औरतें 2 दिन तैयार होने में लगा दी इसलिए वीमेंस डे को 8 मार्च तक पोस्टपोन कर दिया. मेंस डे भी प्लान हुआ था पर वो डेट भूल गए".
बस फिर क्या था. एक लड़की की भावना आहत हो गई मैसेज से. बहस किया खूब और खिसिया गई. पुलिस को फोन कर उत्पीड़न का केस ठोक दिया ग्रुप के लड़कों पर. पुलिस ने उन 8 लड़कों को धर लिया है. पुलिस के मुताबिक उन लड़कों ने कंप्लेन करने वाली लड़की की इमेज खराब करने के लिए एक स्टेटस अपडेट किया. "वीमेन ओन्ली नीड 3.5 इंचेज मैक्सिमम प्लेजर, दैट्स कॉल्ड क्रेडिट कार्ड".
ये स्टेटस बाकी के सात लड़कों ने कॉपी कर अपना स्टेटस बना लिया. दोषी ध्रुव अग्रवाल का कहना है कि, मामला बस एक बहस का था. लड़कियों ने भी गाली-गलौज किया था. हमने तो उनके ही स्टेटस को कॉपी-पेस्ट किया था. घटना की भनक कॉलेड के एक सीनियर प्रोफेसर को लगी तो भागे-भागे लड़कियों को मनाने पहुंच गए. पुलिस को खबर मिली है कि मामला सुलझाने की कोशिश कर चुके हैं.
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