'भावना' हुई आउट ऑफ कंट्रोल, केजरीवाल के मुंह पर फेंकी इंक
ऑड-इवन रूल की 'कामयाबी' पर हो रही थी रैली. इंक फेंकने वाली ने खुद को बताया आम आदमी सेना का मेंबर.
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फोटो - thelallantop
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के चेहरे पर एक औरत ने रविवार को स्याही फेंक दी. दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में ऑड-इवन नियम की कामयाबी पर रैली हो रही थी. केजरीवाल स्टेज पर बोल रहे थे, इसी दौरान औरत ने स्टेज पर चढ़ उनके चेहरे पर इंक और कुछ कागज फेंक दिए.
https://twitter.com/ANI_news/status/688687962469433345
लड़की ने अपना नाम भावना बताते हुए खुद को आम आदमी सेना के पंजाब यूनिट का मेंबर बताया. उसने गुस्से में मीडिया से कहा, 'केजरीवाल ने CNG का घोटाला किया है. मेरे पास इसका प्रूफ है.'
https://twitter.com/ANI_news/status/688693818623787008
जब सिक्योरिटी ने लड़की को पकड़ा तो केजरीवाल ने कहा, 'इनको जाने दीजिये. छोड़ दीजिये इन्हें. जब भी दिल्ली में कुछ अच्छा होता है, लोग ऐसा ही करते हैं.'
ये पहली बार नहीं है जब इंडिया की 'भावनाएं' स्याही बनकर बही हैं. अक्टूबर 2015 में पाकिस्तान के एक्स फॉरेन मिनिस्टर की किताब के लॉन्च के समय शिव सैनिकों ने सुधींद्र कुलकर्णी को स्याही से नहला दिया था. उसके कुछ ही दिनों बाद हिंदू सेना के मेंबरों ने जम्मू-कश्मीर के MLA इंजीनियर राशिद पर स्याही फेंकी थी क्योंकि वो गोहत्या के आरोप में पीटे गए एक ट्रक ड्राइवर का सपोर्ट कर रहे थे.
विरोध करने का अधिकार होना एक अच्छी डेमोक्रेसी कि निशानी है. लेकिन पब्लिक में अपने विचार शेयर कर रहे किसी इंसान पर इस तरह स्याही फेंक देना उसी 'असहिष्णुता' यानी इनटॉलेरेंस कि निशानी है जिसके खिलाफ हम गला फाड़ते रहते हैं. स्याही फेंकने में क्या खुशी मिलती है, ये तो फेंकने वाला ही जाने. पर विरोध जताने के लिए स्याही का इस्तेमाल अगर किसी के चेहरे पर पोतने के बजाय लिखने में किया जाए तो शायद लोकतंत्र के तौर पर बेहतर हो सकें.

