The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • will rahul gandhi contest from both amethi and wayanad seats in lok sabha election 2019

पहली बार दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे राहुल गांधी, वजह स्मृति ईरानी की तैयारी है या कुछ और?

अमेठी के साथ साथ केरल की वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ने का ऐलान.

Advertisement
pic
31 मार्च 2019 (अपडेटेड: 31 मार्च 2019, 06:34 AM IST)
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश की अमेठी के साथ-साथ केरल की वायनाड सीट से लोकसभा चुनाव का चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस के सीनियर नेता एके एंटनी ने रविवार (31 मार्च) को इसकी घोषणा करते हुए कहा कि ये बहुत खुशी की बात है. पिछले कई हफ्ते से मांग उठ रही थी कि राहुल गांधी दक्षिण भारत से भी चुनाव लड़ें. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक से इस तरह की मांग आ रही थी. इस पर विचार विमर्श के बाद तय हुआ है कि राहुल वायनाड सीट से भी चुनाव लड़ेंगे.
बता दें कि केरल कांग्रेस ने राहुल से वायनाड सीट से चुनाव लड़ने की गुजारिश की थी. राहुल के वायनाड सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा से पहले AICC के जनरल सेक्रेटरी और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा था कि हमने राहुल गांधी से केरल की वायनाड निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है.
राहुल गांधी के दो सीटों से लड़ने के क्या हैं मायने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी यूपी की अमेठी सीट से 2004 से चुनाव लड़ते आ रहे हैं. वह तीन बार यहां से चुनाव जीत चुके हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव की तरह इस बार भी बीजेपी की तरफ से स्मृति ईरानी मैदान में हैं, वहीं सपा-बसपा और आरएलडी के गठबंधन ने इस सीट पर कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है. भले ही ईरानी पिछली बार यहां से चुनाव हार गई थीं. लेकिन वह लगातार पिछले पांच सालों से अमेठी में एक्टिव हैं. ईरानी के साथ-साथ पीएम मोदी ने भी कई बार अमेठी का दौरा किया और कई योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. बीजेपी का दावा है कि पिछले पांच सालों में मोदी सरकार ने अमेठी के लिए जितना किया है उतना राहुल गांधी ने पिछले 15 सालों में नहीं किया. यूपी में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अमेठी लोकसभा की 5 में से 4 सीटों पर जीत हासिल की थी. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस बार स्मृति ईरानी राहुल गांधी को कड़ी टक्कर देंगी.
Smriti Irani
स्मृति ईरानी ने बीते 5 सालों में अमेठी के खूब चक्कर लगाए हैं.

क्या है कांग्रेस का प्लान दूसरी ओर कांग्रेस की नजर दक्षिण भारत के राज्यों पर है. पार्टी का मानना है कि राहुल गांधी के दक्षिण भारत से चुनाव लड़ने पर आसपास की सीटों पर भी कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनेगा. हिन्दीभाषी राज्यों में कमजोर दिख रही कांग्रेस को दक्षिण से उम्मीदें हैं. इसी रणनीति के तहत राहुल को दक्षिण भारत की सीट से चुनावी मैदान में उतारा गया है. राहुल गांधी यह पहली है जब वह दो सीटों से चुनाव लड़ेंगे. पीएम मोदी ने अपने गृहराज्य गुजरात के बड़ोदरा के अलावा यूपी के बनारस के भी चुनाव लड़ा था. पार्टी को इसका फायदा भी मिला और वह 71 सीटें जीतने में कामयाब रही. राहुल गांधी कांग्रेस की ओर से पीएम पद के अघोषित उम्मीदवार हैं. ऐसे में पार्टी के कार्यकर्ता भी चाहते थे कि राहुल गांधी दो सीटों से चुनाव लड़ें.
र्र्र्कक्कत्रके्क
ये साउथ में कांग्रेसी वोटरों को लुभाने का तरीका हो सकता है.

क्या है वायनाड सीट का इतिहास परिसीमन के बाद यह सीट 2009 में अस्तित्व में आई थी. वायनाड लोकसभा क्षेत्र के तहत 7 विधानसभा सीटे हैं. 2009 और 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने सीपीआई को हरा कर चुनाव जीता था. इस सीट को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. पहले इस सीट से टी सिद्दकी का नाम आ रहा था. कांग्रेस राज्य में 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, उसने 14 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है लेकिन दो सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की थी. इन दो सीटों में वायनाड सीट भी है. अब इस सीट से राहुल गांधी चुनाव लड़ेंगे.


देखें वीडियो: बीजेपी ने उम्मीद्वारों की लिस्ट में स्मृति ईरानी के नाम के साथ पहले पारसी लिखा, बाद में हटाया

Advertisement

Advertisement

()