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तो इस वजह से 500 के नोट कम और 2000 के नोट ज्यादा आ रहे हैं

जनता परेशान है कि ATM से दो हजार के नोट निकल रहे हैं, लेकिन 500 के नहीं. ये है कारण.

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2000 के नए नोट के साथ एक युवक.
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लल्लनटॉप
27 नवंबर 2016 (Updated: 27 नवंबर 2016, 11:35 AM IST)
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पांच सौ और हजार के पुराने नोटों के बैन होने की वजह से पूरा देश नए नोटों को पाने के लिए कतार में है. नोटबंदी के बाद देशभर में जारी कैश की किल्लत के बीच बैंकों में भीड़ जरूर कम हुई है, पर मार्केट में नोटों की कमी अब भी बनी हुई है. वैसे ATM मशीनों में भी गुलाबी रंग वाले दो हजार रुपए के नए नोट ज्यादा निकल रहे हैं, जबकि डॉलर जैसे दिखने वाले पांच सौ के नए नोट कम निकल रहे हैं.
ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल है कि ATM से 2000 रुपए के नोट ज्यादा और 500 के नोट इतने कम क्यों निकल रहे हैं. दरअसल ऐसा केंद्र सरकार और RBI के बीच तालमेल की कमी की वजह से हो रहा है. ऐसे में लोगों को खासी दिक्कतों का सामान करना पड़ रहा है.
demonetisation
500 के नोट कम आने पर RBI के एक अधिकारी ने बताया, "2000 रुपए के नए नोटों की छपाई RBI की मैसूर वाली प्रेस में की गई है, जबकि 500 रुपए के नए नोटों की छपाई केंद्र सरकार की प्रिंटिंग प्रेस में हुई है. ये प्रिंटिंग प्रेस नासिक और देवास (मध्य प्रदेश) में हैं. RBI अधिकारी इस बात को लेकर नाराज हैं कि जनता में धारणा है कि RBI की ढिलाई की वजह से नए नोट नहीं आ रहे हैं.
इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक RBI के एक पूर्व कर्मचारी का कहना है कि "500 रुपए के नए नोटों की सप्लाई पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं है और इसके लिए RBI को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए. सभी फैसले सरकार ले रही है. हमें फाइनेंस मिनिस्ट्री के अधिकारियों के बयानों के बाद नोटिफिकेशन मिल रहे हैं."

भारतीय रिजर्व बैंक
भारतीय रिजर्व बैंक

RBI अधिकारियों का कहना है कि लोगों को ज्यादा परेशानी इसलिए आ रही है, क्योंकि कैश की खराब सप्लाई के लेन-देन को कम करके आंका गया और सरकार ने डीमनीटाइजेशन पर जरूरत से ज्यादा जोर दिया. हालांकि, RBI की प्रेस में 2000 की नई नोट की छपाई सरकारी प्रेस में 500 रुपए की नई नोट की छपाई से पहले ही शुरू हो गया था.


 ये स्टोरी आदित्य प्रकाश ने की है 

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