ऐमजॉन को हिंदू विरोधी बताकर माफी की मांग क्यों हो रही है?
मामला किताबों से जुड़ा है.
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कुछ ई-बुक्स को लेकर ट्विटर पर लोगों का इतना गुस्सा फूटा कि उन्होंने ऐमजॉन और किंडल का बहिष्कार करना शुरू कर दिया.
ट्विटर पर बुधवार को नया बवाल शुरू हुआ. इस बार #AntiHindu_Amazon_Kindle ट्रेंड चलने लगा. आखिर काहे लोग ऐमजॉन और किंडल पर इतने खफा हो गए कि उसे एंटी हिंदू बताने लगे. हिंदुओं के खिलाफ ऐसा क्या कर डाला ऐमजॉन ने, आइए जानते हैं पूरा माजरा.
किताबों से खफा हैं ट्विटरवाले
इस #AntiHindu_Amazon_Kindle के पीछे सबसे बड़ा कारण ऐमजॉन किंडल पर मौजूद साहित्य को बताया जा रहा है. लोग आरोप लगा रहे हैं कि किंडल पर ऐसी ई-बुक्स मौजूद हैं, जो लव जिहाद को बढ़ावा देती हैं. इसके लिए यूजर्स ने कुछ किताबों का हवाला भी दिया. उनका कहना है कि हिंदू महिलाओं की छवि खराब करने के लिए ही इस तरह की किताबें पब्लिश की जा रही हैं. एक यूजर ने ट्वीट किया-
क्या ये जो फैला रहे हैं, वो लव जिहाद है? ऐमजॉन लगातार ऑनलाइन हिंदू विरोधी दुष्प्रचार को बढ़ावा दे रहा है. क्या हम सब मिलकर इस हरकत के लिए ऐमजॉन का बहिष्कार नहीं कर सकते?
बीजेपी के नेता और सांसद ने भी जताया विरोध राजस्थान के अलवर से बीजेपी के सांसद महंत बालकनाथ ने भी ऐमजॉन और किंडल को इस बात पर आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि इस हरकत के लिए ऐमजॉन माफी मांगे. उन्होंने ट्वीट किया कि ऐमजॉन किंडल अगर माफी नहीं मांगते तो मैं इसके बारे में संसद में आवाज उठाउंगा.#AntiHindu_Amazon_Kindle What they are spreading love jihad? Amazon repeatedly promoting anti hindu propaganda in online sale! Can we unitedly boycott Amazon for this act? pic.twitter.com/ZAwXIijbw6
— TARANATH POOJARY (@taranathpoojary) December 30, 2020
IF @AmazonKindle WILL NOT APOLOGIZE THEIR MISTAKE THEN I WILL RAISE MY VOICE REGARDING THIS IN PARLIAMENT...#AntiHindu_Amazon_Kindle — Yogi Balaknath (@MahantBalaknath) December 30, 2020बीजेपी हरियाणा के आईटी सेल के मुखिया अरुण यादव ने भी ट्वीट करके गुस्सा जाहिर किया. कहा-
उनके समर्थन में कई लोगों ने ट्वीट किए और आरोप लगाए कि किंडल और खासतौर पर ऐमजॉन इस तरह से हिंदू विरोधी काम कर रही है. तो क्या वाकई ऐमजॉन किंडल की गलती है? ऐमजॉन पर किसी भी किताब को पब्लिश करने को लेकर एक पॉलिसी है. जानकार बताते हैं कि किंडल किताबों की मैनुअल स्क्रीनिंग नहीं करता. ऐमजॉन हर लेखक को सेल्फ पब्लिशिंग का प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है. यह वैसा ही है जैसे ऐमजॉन कई सामान बेचने वाले को अपने प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने का प्लेटफॉर्म देती है. वह बस यह ध्यान रखती है कि कोई बम-कट्टा-पिस्तौल न बेचने लगे ऐमजॉन पर. ठीक इसी तरह ऐमजॉन किंडल भी किताब की बेसिक स्क्रीनिंग करती है. गाली-गलौच या आतंकवाद आदि का साहित्य रोकने की कोशिश होती है. लेकिन कौन किसी कहानी में किस धर्म के किरदार से क्या करवा रहा है, इस पर ऐमजॉन किंडल नजर नहीं रखती. इस तरह की हजारों किताबें ऐमजॉन पर मौजूद हैं, जिन्हें लोगों ने खुद पब्लिश किया है. वेबसाइट की पॉलिसी के अनुसार ऐमजॉन किंडल पर किताब पब्लिश करने में 24 से 48 घंटे का वक्त लगता है.आज मैं आवाज उठा रहा हूँ उनके खिलाफ , जो सनातन धर्म को ठेस पहुंचा रहे है
क्या आप सभी भगवाधारी साथ है ❓#AntiHindu_Amazon_Kindle — Arun Yadav (@beingarun28) December 30, 2020

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