गूगल खतरनाक हो गया है!
गूगल के ही सेफ ब्राउजिंग टूल में गूगल का नाम डाल कर चेक करो. पक्का गूगलियाने की हिम्मत नहीं पड़ेगी.
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गूगल ने फोटो सर्विस पर लगातार बढ़ते फोटो अपलोड के बोझ को इसका कारण बताया है.
इंटरनेट चलाते हो तो गूगल के बिना काम तो चलता नहीं होगा. कान इधर लाओ बताएं. गूगल से जुड़ी एक खबर आई है. गूगल ने अपने आप को 'खतरनाक' बता रखा है. कुछ भी खोजना, ढूंढना, समझना होता है तो दन्न से पहुंच जाते हो "google.com" के द्वारे. तो अब थोड़ा संभल के जाना. ये हम नहीं खुद गूगल का सेफ ब्राउजिंग टूल कह रहा है.
क्या है सेफ ब्राउजिंग टूल?
गूगल का एक फीचर है ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट. इस फीचर पर जाकर सेफ ब्राउजिंग पर क्लिक करो. जहां URL डालने की जगह दिख रही है वहां डालो. ये आपको बताएगा कि साइट सेफ है या नहीं. यहीं पर आजकल google.com टाइप करने पर करेंट स्टेटस में 'Partially dangerous' का मैसेज आता है.
मतलब क्या है इसका?
'Partially dangerous' मने 'आंशिक तौर पर खतरनाक'. तरीके से कहने का मतलब है कि google.com पर कुछ पेज, साइट्स खोलने पर आपको गलत जानकारी मिल सकती है. हो सकता है नुकसान उठाना पड़े. पर्सनल डेटा और जानकारी का. अब पता नहीं आपको मालूम है कि नहीं. पर इंटरनेट की दुनिया में भी ढेरों चोर घात लगाए हुए हैं. सिर्फ एक गलती और आपका पासवर्ड, डाटा, बैंक डिटेल्स जैसी जानकारी अगले के हत्थे.
क्या कहता है गूगल?
फिलहाल गूगल ने इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा है. मतलब उनके हिसाब से अभी इतना बड़ा खतरा नहीं है. हां इतना जरुर कहा है कि किसी ने गूगल सर्विसेज का इस्तेमाल करके कोई मालवेयर या वायरस लिंक डालने की कोशिश की है. पर इसका मतलब ये नहीं है कि आपका गूगल पर जाना खतरनाक है. ऐसा कई बार यूजर्स की गलती से भी होता है. जब कोई किसी सेफ वेबसाईट के पेज पर भी ख़राब कटेंट डाल देता है. इसलिए फिकर नॉट कीप गूगलिंग.
स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रहे आशीष ने एडिट की है.
स्टोरी दी लल्लनटॉप के साथ इंटर्नशिप कर रहे आशीष ने एडिट की है.

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