गिरफ्तारी से पहले पंजाब के इसी गांव क्यों पहुंचा था अमृतपाल?
36 दिन से फरार था अमृतपाल सिंह.

एक महीने से ज्यादा समय से फरार अमृतपाल को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया. पंजाब के मोगा के गुरुद्वारा में उसने सरेंडर किया. ये गुरुद्वारा मोगा के रोडे गांव में है. और यहीं से इस बात की चर्चा भी शुरू हो गई कि लगातार पुलिस से भाग रहे अमृतपाल ने इस गांव में आकर ही सरेंडर क्यों किया?
भिंडरावाला कनेक्शन?दरअसल मोगा का रोडे गांव भिंडरावाला का पुश्तैनी गांव है. यहीं भिंडरावाला का जन्म हुआ. जिस जगह पर भिंडरावाला का जन्म हुआ उस जगह पर गुरुद्वारा बनाया गया है. गिरफ्तारी से पहले अमृतपाल ने इसी गुरुद्वारे से बयान दिया था. इस गुरुद्वारे को दमदमी टकसाल मैनेज करता है. अपने भाषण में अमृतपाल ने ये भी कहा कि- इस पवित्र स्थान पर संत ज्ञानी जरनैल सिंह भिंडरावाले का जन्म हुआ. रोडे गांव में भिंडरावाला का परिवार अब भी रहता है. उसके भाई और भतीजे इसी गांव में रहते हैं.
इसके अलावा अमृतपाल सिंह के लिए इस गांव का और भी महत्व है. अमृतपाल सिंह ने जब 'वारिस पंजाब दे' की कमान संभाली तब यहीं पर उसकी दस्तारबंदी भी हुई थी. इस दौरान उसने कहा था कि उसका आइडियल भिंडरावाला ही है. और आज गिरफ्तारी से पहले जब उसने गुरुद्वारे से बयान दिया, तब भी उसने यही बात कही.
गुरुद्वारे में सरेंडर कियाभिंडरावाला के भतीजे और अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार ने दावा किया है कि अमृतपाल ने गुरुद्वारे में सरेंडर किया जिसके बाद उसे पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया. पंजाब पुलिस ने आज सुबह 7 बजे अमृतपाल को गिरफ्तार किया. अमृतपाल पिछले 36 दिन से फरार चल रहा था. पंजाब पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी थीं. दो बार अमृतपाल पुलिस की पकड़ में आने से बच गया. इस बीच अमृतपाल के कई साथी पकड़े गए, जो उसकी मदद करते थे. अमृतपाल को भागने में मदद करने वाले उसके साथी पप्पलप्रीत को भी पुलिस ने 10 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था. बीते हफ्ते पुलिस ने अमृतपाल सिंह की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी. वो लंदन जाने की फिराक में थी.
वीडियो: अमृतपाल सिंह को बचाने वाला ये बड़ा नाम खुल गया, पकड़े जाने पर कर दिए बड़े खुलासे

