चाहे महंगी या सस्ती हो शराब, थोड़ी-थोड़ी भी मत पिया करो!
WHO ने ऐसा कहा है.

कितनी शराब पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है? इस सवाल का जवाब WHO ने दे दिया. WHO ने कहा कि थोड़ी भी पी लिया तो कैंसर हो सकता है. वो भी 7 तरह का कैंसर. द लैंसेट पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक बयान में कहा गया है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिसमें कहा जा सके कि कितनी शराब पीने से कार्सिनोजेनिक इफेक्ट होंगे. यहां तक कि थोड़ी सी शराब की मात्रा से भी कैंसर हो सकता है.
कार्सिनोजेनिक वो पदार्थ होता है जो शरीर में कैंसर का कारक होता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि शराब पीने का एक सुरक्षित स्तर केवल तभी बताया जा सकता है जब यह साबित करने के लिए वैज्ञानिक सबूत हों. ये पता हो कि किस मात्रा या उससे कम शराब पीने से, "बीमारी का कोई खतरा नहीं है." लेकिन ऐसा कोई एविडेंस अबतक नहीं है.
द गार्जियन में 2020 में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में कैंसर के 740,000 से अधिक मामलों के लिए शराब को जिम्मेदार बताया गया था. इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर ने दुनिया भर में एस्बेस्टस, रेडिएशन और तंबाकू के साथ शराब को भी सबसे बड़ा कैंसर कारक बताया है.
एजेंसी के मुताबिक अल्कोहल कम से कम 7 प्रकार के कैंसर का कारण बनता है. इनमें सबसे आम है आंत का कैंसर और महिलाओं में स्तन कैंसर. इसमें अन्नप्रणाली, लिवर और कोलोरेक्टल कैंसर होने का भी खतरा है.
इस बात से कोई खर्क नहीं पड़ता शराब कितने की है और उसकी गुणवत्ता कैसी है. शराब कोई भी हो वो कैंसरकारक है. WHO ने कहा कि इस बात का प्रमाण भी है कि भारी शराब पीने से हृदय रोगों का खतरा बढ़ जाता है.
WHO के मुताबिक यूरोपीय इलाकों में जहां कैंसर, मौतों का प्रमुख कारण है, वहां हर दिन 20 ग्राम से भी कम शुद्ध शराब पीने से 2017 में 23,000 नए कैंसर के मामले सामने आए. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि यूरोपीय क्षेत्र में शराब की खपत का उच्चतम स्तर है और 20 करोड़ से अधिक लोगों को शराब के कारण कैंसर होने का खतरा है.
वीडियो: नकली शराब से मौतों का वो सच जो सामने नहीं आता!

