जानिए कौन है ये हीरो, जिसने लखनऊ में कश्मीरियों को पीटने वाले गुंडों को रोका
जफ़र रिज़वी ने कहा, हम कोई हीरो-पीरो नहीं हैं. लेकिन वो अपना फेसबुक अकाउंट डिलीट करने को क्यों कह रहे हैं...
Advertisement

फोटो - thelallantop
Quick AI Highlights
Click here to view more
पुलवामा हमले के बाद से ही देश भर में कई जगह कश्मीरियों से बदसलूकी की घटनाएं सामने आईं. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कुछ गुंडों ने कश्मीरियों को पीटा. इसका वीडियो वायरल हो गया. कुछ लोग इस घटना के बाद कश्मीरियों के पिटने पर जश्न वाले मूड में थे, तो कई लोगों ने विरोध में सोशल मीडिया पर लिखा. लेकिन इन सबके बीच आपको एक आदमी के बारे में जरूर जानना चाहिए. जहां कई लोग ये 'तमाशा' देख रहे थे, वहीं जफ़र रिज़वी ने उन गुंडों को रोका.
मोहम्मद अफज़ल नायकू लखनऊ की सड़क पर चादर बिछा ड्राई फ्रूट्स बेचते हैं. 6 मार्च को दोपहर बाद दो गुंडे अफज़ल की दुकान पर पहुंचे और उनसे मारपीट शुरू कर दी.

गुंडों से छुड़ाने की कोशिश करने वाले जफ़र.
लखनऊ में जब कश्मीरी पीटे जा रहे थे, तब जफ़र रिज़वी ने उन लोगों को बचाने की कोशिश की. जफ़र के फेसबुक पेज के मुताबिक वह लखनऊ में ही रहते हैं और बैंक ऑफ इंडिया में काम करते हैं. इन्होंने फेसबुक अकाउंट डिलीट करने की बात कही है क्योंकि इंटरव्यू के लिए लगातार आ रहे कॉल से परेशान हो चुके हैं. कश्मीरी लोगों को बचाने के बाद 6 मार्च की रात इन्होंने फेसबुक पर लिखा- जब नज़र में ख़ुदा हो तो "अच्छा काम" अपने आप हो ही जाता है, कुछ करने की ज़रूरत नही पड़ती. 😊😊😊

जफ़र ने फेसबुक पर जो लिखा
जब लोग सोशल मीडिया पर जफ़र की तारीफ करने लगे तो उन्होंने लिखा- अल्लाह मेहरबान तो "मोटा गधा" भी पहलवान.. जैसे मैं... 😊😊😊. जफ़र ने यह भी लिखा कि भइय्या हम कोई Hero Pero नही हैं. अगर अच्छा काम था तो बस ऊपर वाला क़बूल कर ले.
ऐसा नहीं कि जफ़र ने हीरो की तरह पीटने वाले गुंडों की पिटाई कर दी. लेकिन ऐसे मौकों पर ऐसे गुंडों को रोक देना, उनसे सवाल करना ही काफी होता है. जफ़र ने वही किया और भले ही वो खुद को हीरो न मानें, लोग मान रहे हैं.
वीडियो- संतकबीर नगर: पिटने वाले विधायक ने सांसद से झगड़े का कारण बताया है
मोहम्मद अफज़ल नायकू लखनऊ की सड़क पर चादर बिछा ड्राई फ्रूट्स बेचते हैं. 6 मार्च को दोपहर बाद दो गुंडे अफज़ल की दुकान पर पहुंचे और उनसे मारपीट शुरू कर दी.

गुंडों से छुड़ाने की कोशिश करने वाले जफ़र.
लखनऊ में जब कश्मीरी पीटे जा रहे थे, तब जफ़र रिज़वी ने उन लोगों को बचाने की कोशिश की. जफ़र के फेसबुक पेज के मुताबिक वह लखनऊ में ही रहते हैं और बैंक ऑफ इंडिया में काम करते हैं. इन्होंने फेसबुक अकाउंट डिलीट करने की बात कही है क्योंकि इंटरव्यू के लिए लगातार आ रहे कॉल से परेशान हो चुके हैं. कश्मीरी लोगों को बचाने के बाद 6 मार्च की रात इन्होंने फेसबुक पर लिखा- जब नज़र में ख़ुदा हो तो "अच्छा काम" अपने आप हो ही जाता है, कुछ करने की ज़रूरत नही पड़ती. 😊😊😊

जफ़र ने फेसबुक पर जो लिखा
जब लोग सोशल मीडिया पर जफ़र की तारीफ करने लगे तो उन्होंने लिखा- अल्लाह मेहरबान तो "मोटा गधा" भी पहलवान.. जैसे मैं... 😊😊😊. जफ़र ने यह भी लिखा कि भइय्या हम कोई Hero Pero नही हैं. अगर अच्छा काम था तो बस ऊपर वाला क़बूल कर ले.
ऐसा नहीं कि जफ़र ने हीरो की तरह पीटने वाले गुंडों की पिटाई कर दी. लेकिन ऐसे मौकों पर ऐसे गुंडों को रोक देना, उनसे सवाल करना ही काफी होता है. जफ़र ने वही किया और भले ही वो खुद को हीरो न मानें, लोग मान रहे हैं.
वीडियो- संतकबीर नगर: पिटने वाले विधायक ने सांसद से झगड़े का कारण बताया है

