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क्या मंकीपॉक्स महामारी बन रहा है? इस उम्र के लोगों की हो रही मौतें

WHO ने कोरोना से जोड़कर दिया बड़े सवाल का जवाब

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31 मई 2022 (अपडेटेड: 2 जून 2022, 11:29 PM IST)
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मंकीपॉक्स पर WHO ने क्या कहा? (फोटो- आजतक)
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यूरोपीय देशों में मंकी पॉक्स (Monkey Pox)  के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. आंकड़ों के मुताबिक अब तक मंकी पॉक्स लगभग 21 देशों में फैल चुका है. अब मामले पर WHO का बयान भी सामने आ रहा है. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक WHO (World Health Organization) ने मामले पर जानकारी देते हुए बताया है कि इस वायरस की वजह से कम उम्र के लोगों में ज्यादा मौतें देखने को मिल रही हैं.

WHO के मुताबिक मंकीपॉक्स कम्युनिटी में फैल सकता है. इस वायरस का मृत्यु दर 3-6 प्रतिशत दर्ज की गई है. CNBC की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को WHO ने कहा कि ये बताना जल्दबाजी होगी कि मंकीपॉक्स के प्रकोप से वैश्विक महामारी होगी या नहीं. हमारे पास बढ़ते मामलों को रोकने का मौका है.

कोरोना से कितना अलग है मंकी पॉक्स?

WHO ने इस बात पर भी जोर दिया है कि मंकीपॉक्स की तुलना कोरोना से नहीं की जा सकती है. WHO से सिल्वी ब्रायंड ने एक ब्रीफिंग के दौरान कहा-


'हम नहीं चाहते कि लोग घबराएं या डरें और सोचें कि यह कोविड की तरह है'

कुछ एक्सपर्ट का मानना है कि स्मॉलपॉक्स की वैक्सीन का इस्तेमाल ही मंकीपॉक्स के खिलाफ भी किया जा सकता है. इस पर WHO ने कहा कि अभी तक ये साफ नहीं है कि देशों के पास स्मॉल पॉक्स की कितनी वैक्सीन मौजूद हैं. ऐसे में जब तक सभी देश अपनी तरफ से आंकड़े जारी नहीं कर देते, इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता.

भारत में मंकी पॉक्स की क्या स्थिति?

भारत में अब तक मंकीपॉक्स के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि सभी को सावधान रहने की जरूरत है. जो लोग पश्चिमी या फिर सेंट्रल अफ्रीका से आ रहे हैं, उन पर नजर रखना ज्यादा जरूरी है.

रिपोर्ट के मुताबिक बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और Molecular Biology Unit के हेड डॉक्टर सुनित के सिंह बताते हैं कि मंकीपॉक्स ज्यादा तेजी से नहीं फैलता है. जब तक कोई संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में ना आ जाए, इस वायरस का फैलना मुमकिन नहीं है.

क्या है मंकी पॉक्स के लक्षण?

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक संक्रमित होने के पांच दिन के अंदर शरीर में बुखार, तेज सिरदर्द, सूजन, पीठ दर्द, मांसपेशियों में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखते हैं. मंकीपॉक्स शुरुआत में चिकनपॉक्स, खसरा या चेचक जैसा दिखता है. बुखार होने के एक से तीन दिन बाद त्वचा पर इसका असर दिखना शुरू होता है. शरीर पर दाने निकल आते हैं. हाथ-पैर, हथेलियों, पैरों के तलवों और चेहरे पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं. ये दाने घाव जैसे दिखते हैं और खुद सूखकर गिर भी जाते हैं.

देखें वीडियो- क्या मंकीपॉक्स से डरने की जरूरत है?

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