भइया तेज प्रताप, फोटो खींचने पर मानहानि का केस नहीं होता
लालू के पूत भड़क गए. काहे पर फोटो खींचने पर. पत्रकार को धमका दिए. मंच पर से.
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फोटो - thelallantop
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आरजेडी का 20वां स्थापना दिवस था. लालू यादव और उनके बउआ मंच पर बैठे थे. बउआ का नाम तेज प्रताप है. हेल्थ मिनिस्टर हैं भइया. मंच से रघुवंश प्रसाद सिंह भाषण दे रहे थे. भइया एक फोटोग्राफर का कैमरा लेके देख रहे थे. DSLR हाथ में आए तो सब फोटोग्राफर हो जाते हैं. वो भी खेल रहे थे. इत्ते में एक दूसरे फोटोग्राफर ने फोटो खींच ली. भइया भड़क गए. अपने लोग भेजे बोले. वीडियो डिलीट कर दो. जब नहीं हुआ तो खुद ही डिलीट करने को कहने लगे. मंच से दहक पड़े. बोले 'आप पत्रकार हैं इसलिए सम्मान करते हैं, नहीं तो मानहानि का केस कर देंगे.' गरम खून है. नए लड़के हैं. अभी-अभी सत्ता मिली है. कुछ चीजें नहीं संभाल पाते. तो पापा लालू बीच में आए. उनने मंच पर बुलाकर डिलीट करने को कहा. वैसे तो लालू की इमेज बहुत हंसी-मजाक वाली है पर जब ये सब चल रहा था तो भइया जाने दो. रहन दो. शांत रहो. वाले मोड में आ गए. बाद में तो ये भी हुआ कि पत्रकार उठ-उठकर चले गए, और हाथ-गोड़ जोड़कर बुलाए गए. और लालू यादव को हें...हें...हें... वाले मोड में लौटकर ये कहना पड़ा कि 'अच्छा हुआ आप लोग नहीं गए. आपकी खबर छूट जाती तो नौकरी भी जा सकती थी.''आप पत्रकार हैं इसलिए इज्जत कर रहे हैं. उसको डिलीट करिए नहीं तो केस कर देंगे. मानहानि का केस कर देंगे.'
लेकिन तेज प्रताप जी एक बात बताइए. आपकी पार्टी का कार्यक्रम चल रहा है. पत्रकार जाहिर है आपके बुलाने पर आए थे. फोटो खींच ली तो का बवाल हो गया. और फोटो न डिलीट करने पर मानहानि का मुकदमा कैसे कर देंगे? मने हलवा-पूरी है क्या? आउट ऑफ सिलेबस न जाइए. सीरियसली यार. मानहानि? आप ही तो थे. कैमरा हाथ में पकड़ रखा है. कोई अपराध नहीं कर रहे. फिर आपकी फोटो खींचते की फोटो खींचना मानहानि कैसे हो गया. या ये मानहानि है कि आप किसी पत्रकार को कुछ करने को कह रहे हैं और वो नहीं कर रहा. और आपके अभिमान को चोट पहुंच रही.https://youtu.be/RN3EJKAiFjg

