एक लड़की है. कलकत्ता की. मेलबर्न में रहती है. पढ़ाई कर रही है. उमर 21 से ज़्यादानहीं है. अपने भाई को खूब प्यार करती है. वो कलकत्ता में ही रहता है. उससे स्काइपपर वीडियो में बातें करती है. वीडियो का स्क्रीनशॉट लेती है और अपनी फेसबुकप्रोफाइल पर डाल देती है. साथ में लिखती है, "I miss you. You are my best friend."एक लड़का भटकता हुआ उस लड़की की प्रोफाइल पर आ पहुंचता है. वो उस तस्वीर को देखता हैऔर वहां स्माइली बना देता है. लड़की उस स्माइली वाले कमेन्ट को देखती है और उसे येअहसास होता है कि लड़का 'एलियन' है. यानी वो उस लड़के को न जानती है न ही वो उसकीफ्रेंड लिस्ट में शामिल है. वो उस कमेन्ट को डिलीट कर देती है. डिलीट करने का उसेपूरा हक़ भी है. लड़के को जब ये मालूम चला कि उसका कमेन्ट डिलीट कर दिया गया है तोबिफर गया. लड़की को मेसेज किया. वजह नहीं पूछी बल्कि सीधे ये बताया कि वो उस लड़की कारेप कर देगा. लड़का यहीं नहीं रुकता है. वो उसके 14 साल के भाई के रेप की भी धमकीदेता है. सोशल मीडिया पर उस मेसेज का स्क्रीनशॉट खूब फैला. कई ट्विटर सेलेब्स नेइसे रीट्वीट किया. कलकत्ता की पुलिस ने अग्नीश्वर चक्रवर्ती नाम के नीच को गिरफ्तारकर लिया और उसने कुबूल भी कर लिया.--------------------------------------------------------------------------------मेरी समस्या ये है कि ये मामला यहीं रफ़ा-दफ़ा होता दिख रहा है. न ही ऐसा पहली बारहुआ है और मैं दावे के साथ कह रहा हूं कि ये आखिरी बार भी नहीं है. ये होता रहेगा.एफ़आईआर और गिरफ़्तारी और फलाना-फलाना सब कुछ वैसा ही है जैसा स्कूल में 12 साल केबच्चे का मर्डर हो जाने पर उसके पास बनी शराब की दुकान को तुड़वा देना. ये वैसा हैजैसे सड़क पर चलते हुए आपको कोई गाड़ी ठोंक दे तो आप सरकार से दरख्वास्त कर देश कीसभी सड़कों को ही उखड़वा दें. और ये सोचें कि जब सड़क नहीं होगी तो गाड़ी नहीं चलेगी औरजब गाड़ी नहीं चलेगी तो आप ठुकेंगे ही नहीं.--------------------------------------------------------------------------------इस समस्या का हल क्या है ये हम सब को मालूम है. लेकिन समस्या अंगद के पैर की माफ़िकजमी है. चिरकाल से वहीं की वहीं बनी हुई है. मेल ईगो. अंग्रेजी टर्म है. मज़ेदार चीज़है. लड़कियां कुछ भी ऐसा कर दें जिसकी आपने तैयारी नहीं की हो तो ये बिफ़र पड़ती है.दुनिया की सबसे नाज़ुक चीज़ - मेल ईगो. अगर ये एक एलिमेंट होती तो पीरियॉडिक टेबल मेंसोडियम की जगह ले सकती थी. सोडियम को हवा लगते ही उसपर एक परत चढ़ जाती है. लेकिन जबउसे काटें और उसपर पानी डालें तो वो पिघलने लगता है. खूब गरमी छोड़ता है. हाइड्रोजनगैस के रिसाव के साथ. मेल ईगो यही सोडियम है. एक परत के भीतर दुबकी रहती है. आपहल्का सा कचोटिये, पानी डालिए और रीऐक्शन शुरू. धुएं के साथ. वही दमघोटूं धुआं जो21 साल की लड़की के इनबॉक्स में दिखा. मेल-ईगो धारी मर्द की एक खास बात है. वो इसबात का ख़ास ध्यान रखता है कि किसी भी तरह सामने वाली लड़की/औरत को वेश्या या रंडीजैसे शब्दों से नवाज़ दे. वेश्या थोड़ा सभी और शिष्ट शब्द है इसलिए उसका इस्तेमाल कमही होता है. ये उसका बैकअप प्लान रहता है. चूंकि उस लड़की ने इसे घास नहीं डालीइसलिए उसे चरित्रहीन डिक्लेयर करने की ये खुद से ही होड़ लगा लेता है. और फिर वो असलमुद्दे पर आता है. "आज तू गैर सही, प्यार से बैर सही, तेरी आंखों में कोई प्यार कापैगाम नहीं तुझको अपना ना बनाया तो मेरा नाम नहीं..." और वो कर्मण्येवाधिकारस्ते माफलेषु कदाचन का जाप करते हुए, बिना फल पर अधिकार जमाए कीपैड पर उंगलियां पटकता हैऔर अपनी पूरी ताकत झोंक देता है लड़की को ये बताने में कि वो उसका कैसे रेप करेगा.अंत में सब कुछ आकर लड़की की योनि पर ही खतम होता है. सारी कहानियां ठीक इसी जगह आकररुकती हैं. हम इस बात को कबसे देखते आ रहे हैं कि पुरुषों की सारी लड़ाई, उनके सारेझगड़े, महिलाओं की टांगों के बीच का मुद्दा बन जाते हैं. जैसे वहां कोई अदालत बैठतीहो. हर खुन्नस का एक ही जवाब - भयावह और जबरिया सेक्स. रेप. सारा गुस्सैल पौरुषयहीं ठंड पाता है. "मैं तुम्हारा रेप कर दूंगा." एक महानीच के लिए ये महज़ 5 शब्दहैं जिसे वो 5 सेकंड में लिखकर एक लड़की को भेज देता है. ये पूरी समस्या इसी 5 सेकंडकी है. एक लड़के को, एक पुरुष को, एक आदमी को अपने लिखे शब्दों का वजन समझना होगा.उसे समझना होगा कि वो अपनी कुंठा निकालते वक़्त जो भी कह रहा है वो सिर्फ़ कहना भरनहीं है. उस गुस्से में, उस कुंठित हालत में उसका लिखा एक-एक अक्षर एक हथियार है जोपढ़ने वाले की कभी छाती चीर देता है तो कभी सर पर सैकड़ों वार करते हुए उसे तोड़ डालनेकी ताकत रखता है. ये 5 सेकंड जिसमें एक लड़का अपनी फ्रस्ट्रेशन निकालते हुए इनबॉक्समें कुछ भी लिख देता है, वो उसके लिए मामूली 5 सेकंड हो सकते हैं मगर उसे ये मालूमनहीं होता है कि वो किसी की ज़िन्दगी को एक पर्टिकुलर शेप दे रहा होता है. जिस दिनउस लड़के को अपने इन 5 सेकंड्स की वजह से इस धरती पर होने वाले भयावह बदलावों केबारे में मालूम पड़ जाएगा, शायद सब कुछ ठीक हो जायेगा. तब तक, ऐसे स्क्रीनशॉट्स देखेजाते रहेंगे. "तुम्हारे घर में मां-बहन नहीं है?" या "कभी तुम्हारी बहन के साथ ऐसाहो तो?" जैसी दलीलों से कुछ भी नहीं होने वाला.-------------------------------------------------------------------------------- ये भी पढ़ें:गाय की वजह से एक महिला पर हमला हुआ है, लेकिन हमलावर गोरक्षक नहीं हैंटॉयलेट करने और झूठ बोलने पर बच्ची ने जो ज्ञान दिया है, वो सबको सुनना चाहिएस्मिता पाटिल : वो गई तो अपने ममता भरे ख्वाब साथ ले गई