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6 साल पहले हेलिकॉप्टर क्रैश में बाल-बाल बचे थे बिपिन रावत

तब लेफ्टिनेंट जनरल (Lt Gen.) के पद पर थे.

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8 दिसंबर 2021 (अपडेटेड: 8 दिसंबर 2021, 12:18 PM IST)
Cds Bipin Rawat
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत, उनकी पत्नी और अन्य अधिकारियों को ले जा रहा सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया.
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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी और अन्य अधिकारियों को ले जा रहा सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया. हादसा बुधवार, 8 दिसंबर को तमिलनाडु के कुन्नूर में हुआ. राहत एवं बचाव अभियान शुरू हो गया है. हेलिकॉप्टर में 14 लोग सवार थे. अब तक 13 की मौत की पुष्टि हुई है. इंडियन एयरफोर्स के ऑफिशल ट्विटर अकाउंट से किए गए एक ट्वीट में लिखा है कि भारतीय वायुसेना का MI-17V5 हेलिकॉप्टर कन्नूर के नजदीक हादसे का शिकार हुआ है. इसमें CDS बिपिन रावत सवार थे. हादसे को लेकर जांच के आदेश दिए गए हैं. 2015 में बाल-बाल बचे थे इससे पहले साल 2015 में बिपिन रावत हेलिकॉप्टर क्रैश में बाल-बाल बचे थे. तब बिपिन रावत लेफ्टिनेंट जनरल (Lt Gen.) के पद पर थे और दीमापुर में तैनात 3कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग थे. 3 फरवरी 2015. नागालैंड के दीमापुर जिले में बिपिन रावत समेत सेना के तीन अधिकारी चीता हेलिकॉप्टर पर सवार थे. उड़ान भरने के बस कुछ सेकंड बाद हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया था. तब हेलिकॉप्टर महज 20 फुट की ऊंचाई पर था. सेना की तरफ से जानकारी दी गई थी कि हेलिकॉप्टर पर सवार अधिकारियों को मामूली चोटें आई हैं. तब बताया गया था कि हेलिकॉप्टर क्रैश होने की घटना इंजन फेल होने के कारण हुई थी. उस समय रक्षा विभाग के जनसंपर्क अधिकारी अमित महाजन ने बताया था कि सेना का यह हेलिकॉप्टर नियमित उड़ान पर था और सुबह साढ़े नौ बजे जमीन से 10.12 फुट की ऊंचाई से नीचे गिर गया. कोहिमा में रक्षा पीआरओ लेफ्टिनेंट एमरान मुसावी ने बताया था कि इस पर दो पायलट और सेना के एक अधिकारी सवार थे, लेकिन दुर्घटना में कोई घायल नहीं हुआ. महाजन ने कहा था कि दुर्घटना में हेलिकॉप्टर को नुकसान पहुंचा. आज के हादसे के बारे में क्या पता चला है? जानकारी के मुताबिक, CSS बिपिन रावत अपनी पत्नी के साथ वेलिंगटन में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे. वेलिंग्टन में आर्म्ड फोर्सेज का कॉलेज है. यहां सीडीएस रावत को लेक्चर था.  इंडिया टुडे के मुताबिक हेलिकॉप्टर में कुल 14 लोग सवार थे. यात्रियों में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर, लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार, लांस नायक बी साई तेजा और हवलदार सतपाल सवार थे. इनके अलावा चालक दल के 5 लोग हेलिकॉप्टर में मौजूद थे. इस हादसे की वजह अभी तक साफ नहीं हो सकी है. जानकारों के मुताबिक जब वीवीआईपी हेलिकॉप्टर में होते हैं, उस समय हेलिकॉप्टर को उड़ाने के नियम काफी अलग होते हैं. कहा जा रहा है कि सेना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में हादसे की वजह पता चल सकेगी. हादसे का शिकार हुआ हेलिकॉप्टर Mi-17V5 प्रमुख रूप से मिलिटरी ट्रांसपोर्ट वेरिएंट है. मिलिट्री से जुड़ी चीजों को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. Mi-17V5 को कजान हेलिकॉप्टर्स नाम की एक कंपनी तैयार करती है. यह कंपनी रशियन (रूस) हेलिकॉप्टर्स की ही एक सहायक कंपनी है. Mi-17V5 के बारे में कहा जाता है कि यह हेलिकॉप्टरों के Mi-8/17 फैमिली का सैन्य परिवहन संस्करण है. Mi-17V5 को दुनिया के मोस्ट अडवांस्ड (अत्याधुनिक) ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर्स में से एक माना जाता है. इस हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल सुरक्षाबलों के साथ ही हथियार, फायर सपॉर्ट, कॉनवॉय एस्कॉर्ट पहुंचाने में किया जाता है. इस हेलिकॉप्टर के जरिए सर्च ऐंड रेस्क्यू (तलाशी और बचाव) अभियानों को भी पूरा किया जाता है. कभी-कभी Mi-17V5 का इस्तेमाल देश के प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षामंत्री भी करते हैं.

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