आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोट बंद तो कर दिए गए. अब पांच सौ और दो हजार के नए नोटबैंकों में मिलने शुरू भी हो गए हैं. एटीएम भी कल से नए नोट फेंकने शुरू कर देगा.मगर इन बंद हुए नोटों का होगा क्या. ऐसा सवाल जरूर मन में तो उमड़ घुमड़ रहा होगा.कुछ लोग इस फैसले से नाराज हैं तो कुछ खुश नजर आ रहे हैं. लेकिन सवाल ये है कि जोपांच सौ और एक हजार के नोट वापस होने वाले हैं उनका क्या होगा? आखिर इतने बहुत सेनोट हैं. कहां ढेर लगाया जाएगा. तो हम बताए देते हैं. रिजर्व बैंक पांच सौ और एकहजार के नोट को छोटे छोटे टुकड़ों में कतरने की तैयारी कर रहा है. लेकिन ये नोटबर्बाद नहीं होंगे. इनको आगे एक नए रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा. बैंक के लोगोंका कहना है कि हम इसके लिए तैयार हैं. तो इसकी प्रोसेस क्या होगी? इन नोटों को इसतरह कतरा जाएगा कि उन से फिर से नोट ना बनाए जा सकें. फिर इन्हें एक कंडीशनर केअन्दर डालकर नम किया जाएगा और उन्हें चारकोल या कोयले में बदला जाएगा. इसे उन लोगोंको दिया जाएगा जो लैंडफिल का काम करते हैं. इन्हें बाद में ईंधन के रूप मेंइस्तेमाल किया जा सकेगा. मार्च 2016 तक, पांच सौ के 1570 करोड़ 7 लाख नोट और एक हजारके 632 करोड़ 6 लाख नोट सर्कुलेशन में थे. दूसरे देशों में बंद किए गए नोटों के साथक्या होता है? विश्व के दूसरे बैंकों में नोटों को कई तरीकों से ख़त्म किया जाता है.नोट जला भी दिए जाते हैं या नोटों को जलाकर बिल्डिंग को हीट किया जाता है. बैंक ऑफ़इंग्लैंड ने ऐसा 1990 तक किया. वहां पर नोटों को जलाकर बैंक की बिल्डिंग हीट की गई.इसके बाद 2000 में बैंक ने कम्पोस्टिंग ट्रीटमेंट से नोटों को रिसाइकल करना शुरूकिया और इसका मिट्टी की क्वालिटी बढ़ाने में इस्तेमाल किया गया. अमेरिकी फेडरलरिज़र्व बैंक भी नोटों को छोटे टुकड़ों में कतरता है. कतरन के बड़े टुकड़ों को आर्ट याकमर्शियल रूप में प्रयोग किया जा सकता है या बाद में याद के लिए इन टुकड़ों को बेचाजा सकता है. पैब्लो एस्कोबार के बारे में सुना होगा. अमेरिका का ड्रग व्यवसायी था.उसने अपनी बेटी को ठंड से बचाने के लिए एक मिलियन डॉलर जला दिए थे. ऐसा ही कुछहंगरी सेंट्रल बैंक ने 2012 में भी किया था. उसने ठंड में जरूरतमंदों की मदद करनेके लिए नोट जलाए थे.--------------------------------------------------------------------------------ये स्टोरी निशान्त ने की है.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें- 'नोट बैन' से इन दिहाड़ी चोट्टों का बड़ा नुकसान हो गया पीएम मोदी नेअपना काम कर दिया है, बाकी हमें करना है ‘नोट बैन’ के बाद इन मौतों का जिम्मेदारकौन, सरकार या हम खुद? जब बैन लगने के बाद 500 की नोट लेकर दुकान पहुंचे लोग नोटबैन पर 25 सवाल-जवाब, जो RBI चाहता है कि आप जान लें 2000 रुपये के नोट हाथ मेंलेने से पहले पढ़िए कागज के नोटों का इतिहास