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बंद हुए इतने नोट सड़ेंगे या कहीं ढेर लगेगा?

विदेशों में तो ठंड से बचाने के लिए नोट जला दिए गए थे.

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10 नवंबर 2016 (अपडेटेड: 10 नवंबर 2016, 11:13 AM IST)
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आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोट बंद तो कर दिए गए. अब पांच सौ और दो हजार के नए नोट बैंकों में मिलने शुरू भी हो गए हैं. एटीएम भी कल से नए नोट फेंकने शुरू कर देगा. मगर इन बंद हुए नोटों का होगा क्या. ऐसा सवाल जरूर मन में तो उमड़ घुमड़ रहा होगा. कुछ लोग इस फैसले से नाराज हैं तो कुछ खुश नजर आ रहे हैं. लेकिन सवाल ये है कि जो पांच सौ और एक हजार के नोट वापस होने वाले हैं उनका क्या होगा? आखिर इतने बहुत से नोट हैं. कहां ढेर लगाया जाएगा. तो हम बताए देते हैं. रिजर्व बैंक पांच सौ और एक हजार के नोट को छोटे छोटे टुकड़ों में कतरने की तैयारी कर रहा है. लेकिन ये नोट बर्बाद नहीं होंगे. इनको आगे एक नए रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा. बैंक के लोगों का कहना है कि हम इसके लिए तैयार हैं. तो इसकी प्रोसेस क्या होगी? इन नोटों को इस तरह कतरा जाएगा कि उन से फिर से नोट ना बनाए जा सकें. फिर इन्हें एक कंडीशनर के अन्दर डालकर नम किया जाएगा और उन्हें चारकोल या कोयले में बदला जाएगा. इसे उन लोगों को दिया जाएगा जो लैंडफिल का काम करते हैं. इन्हें बाद में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा. मार्च 2016 तक, पांच सौ के 1570 करोड़ 7 लाख नोट और एक हजार के 632 करोड़ 6 लाख नोट सर्कुलेशन में थे. दूसरे देशों में बंद किए गए नोटों के साथ क्या होता है? विश्व के दूसरे बैंकों में नोटों को कई तरीकों से ख़त्म किया जाता है. नोट जला भी दिए जाते हैं या नोटों को जलाकर बिल्डिंग को हीट किया जाता है. बैंक ऑफ़ इंग्लैंड ने ऐसा 1990 तक किया. वहां पर नोटों को जलाकर बैंक की बिल्डिंग हीट की गई. इसके बाद 2000 में बैंक ने कम्पोस्टिंग ट्रीटमेंट से नोटों को रिसाइकल करना शुरू किया और इसका मिट्टी की क्वालिटी बढ़ाने में इस्तेमाल किया गया. अमेरिकी फेडरल रिज़र्व बैंक भी नोटों को छोटे टुकड़ों में कतरता है. कतरन के बड़े टुकड़ों को आर्ट या कमर्शियल रूप में प्रयोग किया जा सकता है या बाद में याद के लिए इन टुकड़ों को बेचा जा सकता है. पैब्लो एस्कोबार के बारे में सुना होगा. अमेरिका का ड्रग व्यवसायी था. उसने अपनी बेटी को ठंड से बचाने के लिए एक मिलियन डॉलर जला दिए थे. ऐसा ही कुछ हंगरी सेंट्रल बैंक ने 2012 में भी किया था. उसने ठंड में जरूरतमंदों की मदद करने के लिए नोट जलाए थे.

ये स्टोरी निशान्त ने की है.


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