The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • What was found in Ayodhya excavation told archaeologist KK Muhammed in lallantop guest in the newsroom

अयोध्या में खुदाई के दौरान क्या-क्या मिला था, आर्कियोलॉजिस्ट केके मुहम्मद ने बताया

अयोध्या में राम मंदिर के सबूत खोजने की पूरी कहानी.

Advertisement
pic
15 अप्रैल 2023 (अपडेटेड: 15 अप्रैल 2023, 07:27 PM IST)
KK Muhammed on Ayodhya excavation
आर्कियोलॉजिस्ट केके मुहम्मद के मुताबिक अयोध्या में और भी खुदाई होनी चाहिए थी. (फाइल फोटो: विकिपीडिया/आजतक)
Quick AI Highlights
Click here to view more

गेस्ट इन दी न्यूजरुम में इस बार आर्कियोलॉजिस्ट केके मुहम्मद आए. उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के सबूत खोजने की पूरी कहानी बताई. केके मुहम्मद ने बताया कि वो पहली बार 1976-77 में अयोध्या गए थे. आर्कियोलॉजी में उनकी ट्रेनिंग अयोध्या में हुई थी. उनका पूरा बैच प्रोफेसर बीबी लाल के अंडर में खुदाई के लिए अयोध्या गया था. उसके पहले प्रोफेसर बीबी लाल आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के डीजी रह चुके थे. प्रोफेसर लाल के अंडर में उस दौरान कई जगह पर खुदाई की गई थी. 

कहां-कहां खुदाई की थी?

उन्होंने बताया कि विवादित साइट पर दो जगह खुदाई हुई थी. उसके बाद हनुमानगढ़ी में विशाल जगह पर खुदाई हुई. मणि पर्वत नाम की जगह पर भी खुदाई हुई थी, जहां से भरत ने पूरा प्रशासन चलाया था. इसके बाद में भरद्वाज आश्रम, चित्रकूट जैसी जगहों पर खुदाई हुई थी.

केके मुहम्मद ने बताया कि उस वक्त आज जैसी टेक्नोलॉजी नहीं थी. इसलिए जब उनकी टीम खुदाई करने गई तो पहले आसपास के एरिया को बाहर से देखने का काम करना था. इसलिए उन्हें मस्जिद के अंदर जाना था. वो लोग जब वहां पहुंचे, तो मस्जिद पर ताला लगा था और एक पुलिस वाला था. केके मुहम्मद के मुताबिक 1976-77 में इतना बड़ा कोई इश्यू नहीं था. उन लोगों ने वहां मौजूद पुलिस वाले से बताया कि वे लोग शोध करने वाले लोग हैं. इस पर पुलिस वाले ने उन्हें अंदर भेज दिया.

केके मुहम्मद ने बताया कि तब उन्होंने देखा, मस्जिद के सारे पिलर्स मंदिर के थे. उन्होंने बताया कि उन पिलर्स को देखकर स्टाइलिस्टिक डेटिंग के जरिए इसका पता लगा था. मतलब किसी चीज़ को देखकर एक आर्कियोलॉजिस्ट का ये पता लगाना कि वो चीज़ किस जमाने की है. केके मुहम्मद ने बताया कि मस्जिद में 11वीं और 12वीं शताब्दी के मंदिरों के पिलर्स को दोबारा इस्तेमाल किया गया था.

खुदाई में क्या मिला था?

उन्होंने बताया कि अयोध्या में दो बार खुदाई हुई थी. एक बार 1976-77 में प्रोफेसर बीबी लाल के अंडर में खुदाई हुई थी. उस दौरान 12 पिलर्स मिले थे. इसके बाद इलाहाबाद कोर्ट के आदेश पर दूसरी बार साल 2003 में डॉ बीआर मणि के अंडर में खुदाई हुई थी. केके मुहम्मद दूसरी बार हुई खुदाई की टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन उनके मुताबिक 2003 की खुदाई में 90 से ज्यादा पिलर बेसिस मिले थे. 

दूसरी बार की खुदाई में ही मंदिरों से जुड़ी 216 से ज्यादा टेराकोटा की मूर्तियां मिली थीं. मंदिरों में होने वाले अभिषेक से जुड़ी चीज़ मिली थी. सबसे अहम 12वीं सदी के शिलालेख मिले थे, जो ये कहते हैं कि ये मंदिर उस विष्णु को समर्पित है, जिसने दस सिर वाले का वध किया. केके मुहम्मद के मुताबिक वहां और भी खुदाई होनी चाहिए थी. 

वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: केके मुहम्मद ने बताई अयोध्या में राम मंदिर के सबूत खोजने की पूरी कहानी

Advertisement

Advertisement

()