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कोरोना संकट की दूसरी लहर से पार पाने के लिए सरकारें क्या कर रही हैं?

राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री कितने एक्टिव हैं.

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कोरोना संकट से निपटने के लिए राज्यों सरकारों ने क्या-क्या कदम उठाए हैं? तस्वीर PTI की है. कोरोना से अपनों को खो चुके लोग.
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डेविड
19 अप्रैल 2021 (अपडेटेड: 19 अप्रैल 2021, 03:19 PM IST)
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भारत में कोरोना के मामले हर दिन डरा रहे हैं. पिछले 24 घंटे के दौरान देशभर से 2 लाख 73 हज़ार से ज्यादा नए केस आए हैं. इस दौरान 1619 लोगों की मौत हुई है. पिछले 12 दिनों में पॉजिटिविटी रेट दोगुना हो गया है. राज्य सरकारों ने अपने-अपने स्तर पर कई जरूरी कदम उठाए हैं, लेकिन बेड की कमी, ऑक्सीजन की किल्लत और कोरोना के इलाज में इस्तेमाल हो रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी की खबरें लगातार आ रही है. श्मशान घाटों में कोविड से मरे शवों के अंतिम संस्कार के लिए भी लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं. कई राज्यों पर कोरोना के मामले छिपाने के भी आरोप लग रहे हैं. गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से इस तरह की खबरें आई हैं.
सवाल उठ रहे हैं कि देश में कोरोना संकट की दूसरी लहर में राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री क्या कर रहे हैं? खासकर उन राज्यों में जहां कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. कोरोना संकट से निपटने में राज्य सरकारों ने क्या-क्या कदम उठाए हैं? महाराष्ट्र स्वास्थ्य मंत्री हैं राजेश टोपे. हालंकि कोरोना से जुड़े मामलों में  ज्यादातर फैसले मुख्यमंत्री ही ले रहे हैं. बीच-बीच में राजेश टोपे का बयान भी आता रहता है. महाराष्ट्र उन राज्यों में से एक है, जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. हर दिन 60 हजार से ज्यादा केस आ रहे हैं. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 14 अप्रैल की रात 8 बजे से एक मई तक सख्त कर्फ्यू की घोषणा की है. सरकार ने इसे मिनी लॉकडाउन कहा है. महाराष्‍ट्र में धारा 144 लागू है. एक साथ एक जगह 5 या इससे ज्‍यादा लोग सार्वजनिक स्‍थानों पर खड़े नहीं हो सकते. जरूरी सेवाओं को छोड़कर सारी चीजें बंद हैं. सीएम उद्धव ठाकरे ने कोरोना महामारी को प्राकृतिक आपदा घोषित करने की मांग करते हुए SDRF यानी State Disaster Response Fund के इस्तेमाल की अनुमति मांगी है.
Lockdown Maharashtra महाराष्ट्र में एक तरह के मिनी लॉकडाउन लगा है. सांकेतिक तस्वीर महाराष्ट्र की है. (PTI)

राज्य में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर की भारी किल्लत है. इस मुद्दे को लेकर केंद्र और राज्य सरकार आमने-सामने हैं. महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने हाल ही में कहा था कि केंद्र, कंपनियों को रेमडेसिवीर की डायरेक्ट सप्लाई से रोक रहा है. वहीं केंद्र ने इससे इंकार किया था. ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए 15 अप्रैल को महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा था कि 50 से ज्यादा बेड वाले अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा. राज्य सरकार दूसरे राज्यों से ऑक्सीजन लाने का प्रयास कर रही है. कुछ व्यक्ति और निजी संस्थान भी इस मामले में मदद के लिए आगे आए हैं. सरकार ने ऑक्सीजन निर्माताओं को निर्देश दिया था कि वे अपने स्टॉक में से 80 फीसदी हिस्सा मेडिकल उपयोग के लिए आपूर्ति करें. सरकार अपने खर्च पर रेलवे के जरिए दूसरे राज्यों से ऑक्सीजन मंगवा रही है. सरकार का कहना है कि राज्य और सख्त लॉकडाउन पर विचार कर रही है, क्योंकि कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं. दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री हैं सत्येंद्र जैन. हालांकि यहां भी ज्यादातर फैसले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ही ले रहे हैं और सीधे मीडिया से मुखातिब हो रहे हैं. चाहे बात अस्पतालों के सुविधाओं की जानकारी देने की हो या लॉकडाउन लगाने की.
दिल्ली भी कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में से एक है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 19 अप्रैल को ही 6 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है. इससे पहले शनिवार और रविवार को वीकेंड कर्फ्यू का ऐलान किया था. केजरीवाल ने माना है कि दिल्ली का हेल्थ सिस्टम अब बहुत ज्यादा तनाव में है. बेड कम पड़ रहे हैं. ICU बेड खत्म हो गए हैं. रेमडेसिविर की दवाई की किल्लत हो रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने छह दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है. केजरीवाल ने कहा कि इन छह दिनों के दौरान हेल्थ सिस्टम को दुरुस्त करने पर काम किया जाएगा. उनका कहना है कि छह दिन में बेड की व्यवस्था कर लेंगे. लॉकडाउन का इस्तेमाल मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने में करेंगे.
Delhi Police Weekend Curfew Epass दिल्ली सरकार ने 6 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की है. (फोटो-पीटीआई)

केजरीवाज सरकार ने अपोलो अस्पताल, सर गंगा राम अस्पताल, होली फैमिली, महाराजा अग्रसेन, मैक्स शालीमार बाग, फोर्टिस शालीमार बाग, मैक्स साकेत, वैंकेटेश्वर, श्री बालाजी एक्शन, जयपुर गोल्डन, माता चानन देवी, पुष्पावती सिंगानिया, मनिपाल और सरोज सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को पूरी तरह से कोविड अस्‍पताल घोषित कर दिया है. इसके साथ ही 19 निजी अस्पतालों को अपने 80 फीसदी ICU बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने का आदेश दिया है. दिल्‍ली सरकार ने एक मॉनीटरिंग सेल बनाने का फैसला किया है, जो कोरोना मरीजों के हालात पर नजर रखेगी. यह सेल कोरोना मरीजों के परिवारों की मदद के साथ साथ, ऑक्‍सीजन-ऑक्‍सीमीटर समेत अन्‍य जरूरतों के बारे में जानकारी देगी. सरकार ने मेडिकल सुविधाएं बढ़ाने के लिए केंद्र से मदद मांगी है. उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री हैं जय प्रताप सिंह. हालांकि कोरोना पॉजिटव होते हुए भी मुख्यमंत्री ने ही कमान संभाली हुई है. एक हफ्ते पहले स्वास्थ्य मंत्री का एक बयान आया था. उन्होंने कहा था कि हमने नहीं सोचा था कि कोरोना के इतने केस आएंगे.
उत्तर प्रदेश में भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. पिछले 24 घंटे में कोविड-19 से 30,596 और लोग संक्रमित पाए गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. हालांकि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. सरकार ने अस्पतालों में बेड बढ़ाए हैं. प्राइवेट अस्पतालों में भी कोविड के इलाज के लिए बेड रिजर्व किए हैं. सीएम योगी ने रविवार को टीम-11 की बैठक की थी. यह टीम कोविड के मामलों को देख रही है. सीएम ने इस बैठक में सभी अस्पतालों में कोविड बेड बढ़ाने, ऑक्सीजन बैकअप में इजाफा करने और 10 नए ऑक्सीजन प्लांट बनाने को लेकर कई अहम फैसले लिए थे. सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि प्रदेश में DRDO की मदद से 10 नए ऑक्सीजन प्लांट बनाए जाएं. इसके अलावा RT-PCR टेस्ट की संख्या बढ़ाने और कोविड प्रोटोकॉल को सख्ती से पालन कराने के लिए कहा था. सीएम ने ऑक्सीजन खरीदने के निर्देश दिए हैं.
Corona2 उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा राजधानी लखनऊ की हालत खराब है. फोटो- PTI

पूरे राज्य में वीकेंड लॉकडाउन की घोषणा की गई है. मास्क नहीं पहनने वालों से एक हजार जुर्माना वसूला जा रहा है. दूसरी बार पकड़े जाने पर 10 हजार जुर्माना देना पड़ रहा है. रेमडेस‍िविर जैसी जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाज़ारी को बड़ा अपराध मानते हुए सरकार ने इसमें संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट या रासुका के तहत कार्रवाई की बात कही है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया है कि 'राज्य में पूर्ण तालाबंदी लागू करने की आवश्यकता नहीं है. कोरोना वायरस के प्रसार पर अंकुश लगाने के लिए उत्तर प्रदेश में वीकेंड लॉकडाउन जारी रहेगा. बिहार स्वास्थ्य मंत्री हैं मंगल पांडेय. बिहार में JDU-BJP गठबंधन की सरकार है. हाल ही में उन्होंने सीएम के साथ मीटिंग की तस्वीर डाली थी. इस पर लोगों ने उन्हें ट्रोल कर दिया था. इससे पहले वह पटना के NMCH में PPE किट पहनकर निरीक्षण करने पहुंचे थे. हालांकि बड़े फैसलों की जानकारी सीएम ही मीडिया को दे रहे हैं.
बिहार में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 8690 नए मामले सामने आए हैं. कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. सरकार ने सरकारी अस्पतालों में जहां बेड बढ़ाए हैं, वहीं प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए बेड रिजर्व किए हैं. सरकार ने इलाज की रकम भी तय कर की है, ताकि अस्पताल मनमानी ना कर पाएं.  सरकार ने सभी जिलों के प्राइवेट अस्पताल के लिए इस तरह के आदेश जारी किए हैं. राजधानी पटना के NMCH अस्पताल में 500 बेड तैयार किए जा रहे हैं. इनमें 400 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा होगी, जबकि 100 सामान्य बिस्तर, 43 आईसीयू बेड होंगे.
Eds: Standalone Package: One Year Of Lockdown Migrants' Movement लॉकडाउन की घोषणा होते ही मजदूर बिहार लौटने लगे हैं. (फोटो-PTI)

बिहार में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने 15 मई तक सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का फैसला लिया है. इस दौरान कोई परीक्षा नहीं होगी. सभी सिनेमा हॉल, मॉल, क्लब, जिम, स्वीमिंग पूल, पार्क और उद्यान भी 15 मई तक बंद रहेंगे. रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा. सभी दुकान, मंडी सारे बाजार अब 6 बजे बंद हो जाएंगे. दफन और दाह संस्कार के लिए सिर्फ 25 लोगों की अनुमति होगी. श्राद्ध और शादी कार्यक्रम में सिर्फ 100 लोग तक अनुमति होगी. भीड़-भाड़ वाली मंडियों को बड़े इलाकों में ट्रांसफर किया जाएगा. छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मंत्री हैं टीएस सिंह देव. राज्य में कांग्रेस की सरकार है. सीएम के साथ वह खुद भी एक्टिव दिखते हैं. खासकर मीडिया में. कोरोना से जुड़ी खबरों को लेकर उनके बयान आते रहते हैं.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि प्रदेश में 36 कोविड हॉस्पिटल, 66 कोविड केयर सेंटर्स और 78 निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की सुविधा दी जा रही है. जिनमें कुल 16,207 बिस्तरों की व्यवस्था है. इनमें से 3446 बिस्तरों में ऑक्सीजन की सुविधा है.छत्तीसगढ़ में कोरोना की वजह से कुछ जिलों में लॉकडाउन लगाया गया है. सीएम बघेल ने सभी जिलों से लगने वाली अंतरराज्यीय सीमा को सील करने का निर्देश दिया है. जिन ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा संक्रमण के मामले आ रहे हैं, वहां गांवों में हर व्यक्ति की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया चलाया जा रहा है.
Chhattisgarh ये तस्वीर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला मुख्यालय से 25 किमी. दूर स्थित डोंगरगांव की है. ऑक्सीजन नहीं मिलने से कोरोना के चार मरीजों की मौत हो गई. नगर पंचायत के कचरा फेंकने वाले वाहन से इन शवों को श्मशान ले जाया गया. (फोटो-ट्विटर)

ज्यादातर राज्यों ने नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन जैसे कदम उठाए हैं. सरकारें लाख दावा करें, लेकिन इन राज्यों से आ रही खबरें बताती हैं कि हालात ठीक नहीं हैं और बहुत कुछ किया जाना है.

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