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राहुल का कश्मीर से क्या नाता है, जो वहां जाकर हर बार कहते हैं- "मैं घर आ गया"

राहुल का कश्मीर कनेक्शन क्या है?

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20 जनवरी 2023 (अपडेटेड: 20 जनवरी 2023, 06:57 PM IST)
Rahul Gandhi relation with Kashmir
(फोटो: आज तक)
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 ‘महसूस हो रहा है जैसे अपने घर लौट रहा हूं.’ 

ये शब्द थे राहुल गांधी के जब वो जम्मू-कश्मीर लखनपुर(Lakhanpur) में भारत जोड़ो यात्रा(Bharat Jodo Yatra) की जनसभा को संबोधित कर रहे थे. राहुल इस भाषण में खुद को कश्मीरी बताया है.  इससे पहले भी वो इस तरह के दावे करते आएं हैं. 10 सितंबर 2021 को भी भी राहुल गांधी(Rahul Gandhi) ने अपने एक भाषण में जिक्र किया था कि वो कश्मीरी पंडित हैं, उन्हें अपने घर वापस आकर अच्छा लगता है. सवाल उठता है राहुल का कश्मीर से कनेक्शन है क्या. आइए जानते हैं राहुल को कश्मीर में घर वाली फीलिंग क्यों आ रही है.

क्या है राहुल का कश्मीर से नाता...

इसके लिए हमें पहुंचना होगा राहुल गांधी की दादी इंदिरा गांधी के पिता जवाहरलाल नेहरु पर. नेहरु से पांच पीढ़ी पहले साल 1710 में उनके दादा राज नारायण कौल को उस समय के दिल्ली के बादशाह फर्रुखसियर ने दिल्ली बुलाया और उन्हें वहीं बस जाने का न्योता दिया. जिसके बाद राज नारायण कौल कश्मीर छोड़ कर दिल्ली में बस गए राजा फर्रुखसियार ने राज नारायण कौल को चांदनी चौक में एक हवेली और कुछ जमीन दे दी. और इसी घटना के दो साल बाद बादशाह का कत्ल हो जाता है. राजा भले ही चला गया हो मगर राज नारायण की हवेली सलामत रहती है. कौल परिवार की हवेली के पास से एक नहर बहती थी जिस वजह से उस इलाके में रहने वाले कश्मीरी उनके परिवार को 'कौल नेहरु' बुलाने लगे.

बीआर नंदा की किताब द नेहरुज़, मोतीलाल ऐंड जवाहरलाल के मुताबिक मुगलों की बादशाहत फीकी पड़ने के साथ-साथ कौल परिवार को मिली जागीर भी कम होती जा रही थी. मुगलों के दिए हुए अधिकारों का फायदा पाने वाले आखिरी शख्स थे. मौसा राम कौल नेहरु और साहब राम कौल नेहरु ये राज नारायण के पोते थे. मौसा राम के बेटे लक्ष्मी नारायण को ईस्ट इंडिया कंपनी ने मुगल दरबार में अपना वकील बनाया था.  

कौल नेहरु परिवार को यहां रहते हुए डेढ़ सदी का वक्त बीत गया था. 1857 की क्रांति को दौरान मची मार काट के बीच कौल नेहरु परिवार आगरा चला गया था. अब परिवार में के मुखिया हुआ करते थे लक्ष्मी नारायण के बेटे गंगाधर. गंगाधर के के पांच बच्चे हुए दो बहनों और तीन भाइयों में से सबसे छोटे थे मोतीलाल कौल नेहरु जिन्होंने आगे चल कर अपने नाम के बीच से कौल हटा दिया और नेहरु बच गया जिसके बाद जवाहरलाल ने भी इसे बरकरार रखा. और उसके बाद नेहरु की बेटी हुई इंदिरा गांधी जिनके पोते हैं राहुल गांधी. और ये है वो राहुल का कश्मीर कनेक्शन.

सरदार पटेल के उप प्रधानमंत्री रहते जवाहरलाल नेहरु ने उनके स्टैच्यू का अनावरण किया था

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