चीन में बाढ़ से 140 मौतें, कई घर बहे, पानी सोखने वाली स्पंज सिटी का क्या हाल हुआ?
2016 से 2021 तक हजारों करोड़ रुपये लगाकर स्पंज सिटी पर काम हुआ.

चीन (China) के कई शहरों में भारी बारिश के चलते बाढ़ (Flood) जैसे हालात बन गए हैं. सिर्फ जुलाई में ही बारिश के चलते करीब 140 लोगों की मौत की खबर है. हजारों घर तबाह हो चुके हैं. ऐसे में चीन के उस बाढ़ निरोधी मॉडल पर सवाल उठ रहे हैं जिस पर वो पिछले आठ सालों से काम कर रहा है. स्पंज सिटी मॉडल.
क्या है स्पंज सिटी?ज्यादा आबादी वाले शहरों में बाढ़ आने या सूखा पड़ने का खतरा ज्यादा होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि भारी मात्रा में कंस्ट्रक्शन के चलते जमीन की पानी सोखने की क्षमता कम हो जाती है. शहर बनता है तो पेड़ कटते हैं और मैदानी जमीन कंक्रीट से ढंक जाती है. इस वजह से पानी जमीन के अंदर नहीं पहुंचता. ऐसे में बारिश आने पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है.
चीन ने इस दिक्कत का हल निकालने के लिए स्पंज सिटी बनाई. यानी वो शहर जो पानी सोख सके. 2015 और 2016 में कुल 30 शहरों को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया था. वहां पेड़ लगाए गए, नहरें और तालाब बनाए गए. ताकि अतिरिक्त पानी को जमा होने की कोई जगह ना मिल सके. उम्मीद की गई कि इससे बाढ़ और सूखे दोनों का खतरा कम हो जाएगा.
हेनान के झेंग्झौ को भी स्पंज सिटी निर्माण के लिए चुना गया था. 2016 से 2021 तक 60 बिलियन युआन (लगभग 70 हजार करोड़ रुपये) लगाकर सिटी बनाने का काम हुआ. हालांकि 2021 में हुई भारी बारिश में ये परियोजना फेल होती दिखी.
दिक्कत कहां आई?रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स का मानना है कि स्पंज सिटी का बुनियादी ढांचा दिन में 200 मिलीमीटर तक की ही बारिश झेल सकता है. 2021 के दौरान तो झेंग्झौ में एक घंटे के अंदर ही 200 मिमी बारिश दर्ज की गई थी.
मॉडल लागू करने में भी कुछ दिक्कतें आईं. रिसर्चर्स का कहना है कि पिछले साल तक चीन के 654 शहरों में से केवल 64 ने ही स्पंज सिटी से जुड़े दिशानिर्देशों को लागू करने का कानून बनाया. रिसर्चर्स का ये भी कहना है कि सरकार ने स्पंज सिटी निर्माण पर कम ध्यान दिया है, उसका फोकस इस मुद्दे पर जल्द से जल्द राष्ट्रीय कानून बनाने में है.
कहा जा रहा है कि इस साल उन शहरों में ज्यादा बारिश हुई है जहां स्पंज सिटी ढंग से डेवलप नहीं हुई है.

बीजिंग और आसपास के इलाकों में बारिश ने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. कुछ दिन पहले ही बीजिंग में भयानक गर्मी पड़ रही थी. सारे रिकॉर्ड टूट गए थे और अब बारिश ने वहां तबाही मचा रखी है. बीजिंग के आसपास के पहाड़ी इलाकों को जोड़ने वाली 100 से ज्यादा सड़कें टूट गई हैं. हजारों लोगों को विस्थापित किया गया है. खराब हालात के बीच पड़ोसी देश में जल्द से जल्द स्पंज सिटी पर ज्यादा ध्यान देने और इससे जुड़े राष्ट्रीय कानून बनाने की जरूरत को लेकर चर्चा हो रही है.
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