पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में एक जूट मिल वर्कर की मौत चर्चा में है. आरोप हैकि वर्कर के कुछ साथियों ने उसके प्राइवेट पार्ट के जरिए पेट में हवा भर दी थी.उन्होंने तो ये काम मजे के लिए किया, लेकिन पीड़ित को इसका खामियाजा जान देकरचुकाना पड़ा. इस घटना के बाद 10 दिनों तक उसका अस्पताल में इलाज चला, लेकिन उसेबचाया नहीं जा सका. पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है. क्या हैमामला? घटना हुगली जिला स्थित नोर्थब्रूक जूट मिल की है. इंडिया टुडे/आजतक कीरिपोर्ट के मुताबिक बीती 16 नवंबर को रहमत अली जब नाइट ड्यूटी पर थे, तब उनकेसहकर्मियों ने महज मजे के लिए उन्हें पकड़ लिया. उन्होंने जबरन पीड़ित के मलद्वारमें पाइप घुसेड़ा और उसके जरिए हवा भरने लगे. रहमत अली ने उन्हें ऐसा करने से मनाकिया, लेकिन सहकर्मी नहीं मानें. इसके बाद जब रहमत अली की तबीयत खराब होने लगी तोउन्हें आनन फानन में अस्पताल ले जाया गया. पीड़ित के करीबी लोग पहले उन्हें हुगलीके चुंचुरा इमामबाड़ा अस्पताल लेकर गए. वहां तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हेंकोलकाता के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया. लेकिन वहां का इलाज भी कामनहीं आया. लगभग 10 दिन तक चले इलाज के बाद रहमत अली की मौत हो गई. इंडिया टुडे सेजुड़े अनुपम मिश्रा की रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टर्स ने बताया है कि हवा के दबाव सेरहमत का लिवर पूरी तरह से खराब हो गया था. स्थानीय मीडिया से बातचीत में रहमत अलीके भाई अजमत अली ने डॉक्टरों के हवाले से बताया कि एयर प्रेशर की वजह से उनके भाईका लिवर बहुत ज्यादा डैमेज हो गया था. इसी कारण उनकी मौत हो गई. रहमत की उम्र सिर्फ23 साल थी. घटना के बाद उनके घरवालों ने भद्रेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई है.मुख्य आरोपी का नाम शहजादा खान बताया गया है. वो मिल में रहमत अली के साथ काम करताहै. आरोप है कि शहजादा ने ही जबरन रहमत के शरीर में हवा भरी जिससे लिवर समेत उसकेकई अंग क्षतिग्रस्त हो गए. पुलिस में शिकायत करने के अलावा परिवार ने मुआवजे कीमांग की है. इसे लेकर परिवार ने जूट मिल के सामने प्रदर्शन भी किया. हालांकि मिल सेजुड़े लोगों ने इस मामले में चुप्पी साध ली है. पीलीभीत से आया था इसी तरह का मामलाऐसा ही एक मामला इसी साल मार्च में यूपी के पीलीभीत से सामने आया था. यहां राइस मिलमें काम करने गए युवकों ने एक नाबालिग के पेट में हवा भर दी थी. उन्होंने जबरनपीड़ित के प्राइवेट पार्ट में कंप्रेसर डाला और हवा भरने लगे. इससे उसकी तबीयतबिगड़ गई थी. इलाज के दौरान नाबालिग की मौत हो गई. इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कियाथा. जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया था कि तेज प्रेशर से हवा भरे जाने के कारणनाबालिग की आंत फट गई थी. इलाज के बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ. उसके बादउसे बरेली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. वहीं इलाज के दौरानउसने दम तोड़ दिया था.