कोई भी बात हई सरकार ने आपके सामने सोल्जर को रख दिया. सर्जिकल स्ट्राइक के बाद तोहालत ये कि आपने ज़रा भी चूं चा किया तो आपको देशद्रोही के तमगे से नवाजे जाने कीकोशिश की गई. सोल्जर सोल्जर का ऐसा गर्दा काट दिया गया कि सरकार के किसी काम पर कोईसवाल न किया जा सके. लोगों के दिमाग में ये फिट कर देना ही था कि नोटबंदी हुई.कतारें लगीं. लोग मरे तो किसी ने सवाल करना चाहा तो आवाजें उठा दी गईं कि आर्मी केजवानों के बारे में सोचो. तुम देश के लिए बैंक की कतार में खड़े नहीं हो सकते.बिल्कुल सोचना चाहिए, बॉर्डर पर तैनात जवानों के लिए. लेकिन जो सरकार खुद को जवानोंकी हितैषी होने का बखान कर रही है उसी सरकार की मौजूदगी में जवानों को ऐसा खाना मिलरहा है कि जेल में कैदियों को भी ढंग का मिल जाता होगा. बीएसएफ जवान तेज बहादुरयादव को सुनिए, जो खुद को 29वीं बटालियन का जवान बता रहे हैं. और जम्मू-कश्मीरमें तैनात हैं. उन्होंने अपने अधिकारियों पर इल्जाम लगाया है कि सूखी-जली हुई रोटीमिलती है. और दाल में हल्दी नामक के सिवा कुछ नहीं होता. बर्फीली पहाड़ियों के बीचखड़े होकर, कंधे पर बंदूक लटकाए और बीएसएफ की वर्दी पहने यादव कहते हैं, 'सभीदेशवासियों को गुड मॉर्निंग, मेरा नमस्कार. जयहिन्द! देशवासियों मैं आपसे एक अनुरोधकरना चाहता हूं. मैं बीएसएफ 29 बटालियन से हूं. हम लोग सुबह 6 बजे से शाम को इसबर्फ के अंदर 5 बजे तक कंटिन्यू 11 घंटे ड्यूटी, वो भी खड़े होकर. कितना भी बर्फ होकितना भी बारिश हो. तूफान हो. ये ही हालातों में हम ड्यूटी कर रहे हैं. फोटो मेंयहां के नज़ारे अच्छे लग रहे होंगे. लेकिन हमारी क्या सिचुएशन है ये न तो कोई मीडियादिखाता है. न कोई मिनिस्टर सुनता है. कोई भी सरकार आई हमारी हालत वही बदतर है. मैंआपको इसके बाद तीन वीडियो भेजूंगा. मैं चाहता हूं आप पूरे देश की मीडिया को, नेताओंको दिखाएं. हमारे अधिकारी हमारे साथ कितना अत्याचार करते हैं.' वीडियो में यादव आगेकहते हैं,'हम किसी सरकार को कोई दोष नहीं देना चाहते. क्योंकि सरकार हर चीज़, हरसामान देती है. लेकिन उच्च अधिकारी साहब बिक्री करके खा जाते .हैं. हमें कुछ नहीमिल पाता. ऐसे हालात हैं कई बार तो जवान भूखे पेट सोता है. मैं आपको सुबह का नाश्ताआपको दिखाऊंगा. एक पराठा मिलता है, जिसमें कुछ भी नहीं है न आचार है न सब्जी है.सिर्फ चाय के साथ. दोपहर का खाना मैं आपको दिखाऊंगा. जिसमें दाल के अंदर सिर्फहल्दी और नमक होगा. इसके सिवाए कुछ नहीं होगा. मैं फिर कह रहा हूं भारत सरकार सबकुछदेती है. भारत सरकार के स्टोर भरे पड़े हैं. कहां जाता है कौन बिक्री करता है इसकीजांच होनी चाहिए. मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी से कहना चाहता हूं, कृपा करके इसकीजांच कराएं. तेज यादव ने अपनी अपने लिए डर भी दिखाया है. कहा, 'दोस्तों ये वीडियोडालने के बाद मैं रहूं या न रहूं, क्योंकि अधिकारियों के बहुत बड़े हाथ हैं. वो मेरेसाथ कुछ भी कर सकते हैं. कुछ भी हो सकता है, इसलिए इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादाफैलाएं, शेयर करें. ताकि जांच हो. और देखें कि किन हालातों से गुज़र रहे हैं. मैंबाकी वीडियो आपको दिखाउंगा. जयहिंद!' तेज बहादुर यादव ने फेसबुक पर ये वीडियो अपलोडकिए हैं. वीडियो को अब तक करीब 17 लाख लोग देख चुके हैं, और एक लाख से ज्यादा बारशेयर किया जा चुका है. उनके इस वीडियो को बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने भी शेयरकिया है. वीडियो में कितनी सच्चाई है ये तो जांच के बाद ही पता चलेगा. तेज बहादुरयादव ने इस वीडियो के बाद तीन और वीडियो अपलोड किए हैं, जो 29वीं बटालियन के मेस केबताए हैं. जिनमें खाने की क्वालिटी दिखाई गई है. बीएसएफ़ के प्रवक्ता शुभेंदुभारद्वाज ने बीबीसी को बताया कि ये वीडियो उनके संज्ञान में हैं और जांच की जा रहीहै. बीएसएफ़ के ऑफिशियल अकाउंट से ट्वीट किया गया, 'बीएसएफ़ जवानों की देखभाल कोलेकर बहुत संवेदनशील हैं. कुछ मामले अपवाद हो सकते हैं, अगर ऐसा है तो इसकी जांच कीजाएगी. उच्च अधिकारी मौक़े पर पहुंचे हैं.'https://twitter.com/BSF_India/status/818427568684756992अब ज़रा नाश्ता देखिएतेज बहादुर ने नाश्ते का वीडियो अपलोड किया और कहा, देखिए कैसा मिलता है. जला हुआपराठा. ये जले हुए पराठे और चाय का गिलास. और कुछ भी नहीं. अब ये दाल देख लो. इसवीडियो में तेज बहादुर कह रहे हैं कि ये दाल है जिसमें नमक और हल्दी है. इसे खाकर11 घंटे ड्यूटी करनी होती है.