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ईरान के 'शाहेद' ड्रोन का कोई तोड़ नहीं निकला, परेशान अमेरिका यूक्रेन के पास जा पहुंचा

Shahed Drone जिसे कहीं-कहीं शहीद भी कहा जाता है, ईरान में बने सुसाइड ड्रोन हैं. ये ड्रोन लगभग 11 फीट लंबे होते हैं और इनमें हाई-एक्सप्लोसिव वॉरहेड फिट होता है. ये ड्रोन रात के अंधेरे में उड़ते हैं और मोटरसाइकिल जैसी आवाज करते हैं. अमेरिका इनका मुकाबला नहीं कर पा रहा है.

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6 मार्च 2026 (अपडेटेड: 6 मार्च 2026, 02:15 PM IST)
Volodymyr Zelenskyy offered help to usa in countering kamikaze iran shahed 136 drone
ईरान ने बड़े पैमाने पर Shahed-136 का इस्तेमाल किया है (PHOTO-X)
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ईरान के ड्रोन्स ने पूरे मिडिल-ईस्ट में कहर मचा रखा है. अमेरिका और इजरायल जैसे देशों के पास तमाम संसाधन तो हैं. लेकिन वो ईरान के इस सस्ते पर घातक हथियार का तोड़ नहीं निकाल पा रहे हैं. ईरान के इसी ड्रोन का एक वर्जन रूस भी इस्तेमाल करता है. इसके रूसी वर्जन को जेरान-2 (Geran Drone) नाम से जाना जाता है. रूस-यूक्रेन युद्ध में इसका खूब इस्तेमाल हो रहा है. रूस एक साथ झुंड में यूक्रेन की ओर इन ड्रोन्स को भेजता है. लिहाजा यूक्रेन को इससे लड़ने का काफी अनुभव हो चुका है.

और इसीलिए, ईरान के ड्रोन्स से बचने के लिए अमेरिका अब यूक्रेन से मदद मांग रहा है. इस बात की पुष्टि यूक्रेन के प्रेसिडेंट वोलोदिमीर जेलेंस्की ने की है. उन्होंने X हैंडल पर लिखा-

‘अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में Shahed-136 ड्रोन से सुरक्षा के लिए हमसे मदद मांगी है. मैंने जरूरी संसाधन भेजने के निर्देश दिए हैं. हमारे यूक्रेनी स्पेशलिस्ट वहां भेजे जा रहे हैं. ताकि वे उन्हें सुरक्षा की गारंटी दे सकें. यूक्रेन उन साथियों की मदद करता है जो हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करने और हमारे लोगों की जान बचाने में मदद करते हैं.’

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शाहेद ड्रोन (Shahed Drone) ईरान में बने Kamikaze ड्रोन्स हैं. पूरा नाम - HESA Shahed 136. इनका रूसी वर्जन Geran-2 कहलाता है. रूस इसी तरह के ड्रोन्स (Geran 2 drone) का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ बड़े पैमाने पर करता रहा है. पिछले कुछ सालों में यूक्रेन ने इन ड्रोनों को मार गिराने और इनसे बचने की तकनीक में महारत हासिल कर ली है अब वो अपना ये एक्सपीरियंस अमेरिका के साथ साझा करेगा. यूक्रेन का मानना है कि अगर वो अपने सहयोगियों की मदद करेगा तो उसे भी अपनी जंग के लिए बेहतर हथियार और सपोर्ट मिलता रहेगा.

अब बात Shahed Drone की भी कर लेते हैं?

शाहेद ड्रोन जिसे कहीं-कहीं शहीद भी कहा जाता है, ईरान में बने सुसाइड ड्रोन हैं. ये ड्रोन लगभग 11 फीट लंबे होते हैं और इनमें हाई-एक्सप्लोसिव वॉरहेड फिट होता है. ये ड्रोन रात के अंधेरे में उड़ते हैं और मोटरसाइकिल जैसी आवाज करते हैं. इनमें टंगस्टन बॉल्स और ज्वलनशील धातुएं जैसे टाइटेनियम, जिरकोनियम भरी होती हैं, जो विस्फोट के साथ आग फैलाती हैं. इनकी बनावट सस्ती लेकिन घातक है. इन्हें प्लास्टिक, कार्डबोर्ड और हल्के धातुओं से तैयार किया जाता है.

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ईरान का शाहेद-136 ड्रोन (PHOTO-Wikipedia)

अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ जंग में Shahed से मिलता-जुलता ड्रोन भी उतारा है. नाम लुकास (LUCAS) है. इसकी लंबाई 10 फीट है. इसे ईरान के शाहेद-कामिकाज़े ड्रोन की नकल पर बनाया गया है. CNN के टॉम फोरमैन ने बताया,

‘यूएस एयरफोर्स ने शाहेद को कैप्चर करके इंजीनियर्स से इसी के जैसा ड्रोन तैयार करने को कहा था. तो LUCAS एक तरह से शाहेद का क्लोन है. खास बात ये है कि इस ड्रोन से बहुत कम हीट निकलती है. ज़्यादातर डिफेंस सिस्टम गर्मी को पहचान कर ही मिसाइल दागते हैं, इसलिए इस ड्रोन को ट्रैक करना या ढूंढना बहुत मुश्किल होता है.’

अमेरिकी जनरल डैन केन के मुताबिक, ईरान अब तक 500 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें और 2,000 ड्रोन दाग चुका है. हालांकि अमेरिका का दावा है कि उनके पास ईरान के खिलाफ पर्याप्त गोला-बारूद है. अमेरिकी सेना ने 5 फरवरी को दावा किया है कि इजरायल के साथ मिलकर उन्होंने ईरान के 30 से ज्यादा शिप्स को डुबो दिया है. इनमें ईरान का एक 'ड्रोन शिप' भी शामिल है, जिसमें हमले के बाद आग लग गई. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख, एडमिरल ब्रैड कूपर ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि पहले दिन के मुकाबले अब ईरान की तरफ से होने वाले बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90% की कमी आई है. इसका मतलब है कि ईरान अब पहले की तुलना में बहुत कम मिसाइलें दाग पा रहा है.

Lucas Drone
अमेरिका का Lucas ड्रोन

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल के ज्वाइंट ऑपरेशन के 7वें दिन भी हमले थमे नहीं हैं. 6 मार्च को ईरान की राजधानी तेहरान और लेबनान की राजधानी बेरूत में धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं. अमेरिका और इजरायल ने इन दोनों जगहों पर अपने हमले तेज़ कर दिए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM ने कहा है कि इस बार अमेरिकी सेना New Capabilities यानी नए तरह के आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रही है. एक चेतावनी भी दी है. अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा,

 ‘अगर आपको लगता है कि आपने अब तक कुछ देखा है, तो बस थोड़ा और इंतजार कीजिए.’

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग में अधिकारियों की ओर से ऐसे संकेत मिले कि अमेरिका ईरान में आर्मी उतार सकता है. यानी बूट्स ऑन द ग्राउंड. इस पर ईरान का क्या कहना है. NBC न्यूज को इंटरव्यू में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है,

‘ईरान सीजफायर के मूड में नहीं है. न ही उसे अमेरिका से कोई समझौता करना है. अगर वो अपनी सेना भेजते हैं, तो ईरानी आर्मी इसके लिए पूरी तरह से तैयार है.’

उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अगर जमीनी हमला किया तो उसकी सेना को ये बहुत महंगा पड़ेगा.

वीडियो: अमेरिका ने टेस्ट की मिनटमैन-3 मिसाइल, ईरान पर दागी जाएगी?

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