'मुस्लिम इलाका है...', विवेक अग्निहोत्री ने कोलकाता में इवेंट कैंसिल कर दी, फिर बाबुल सुप्रियो से क्यों भिड़ गए
विवेक अग्निहोत्री अपनी किताब 'अर्बन नक्सल्स' के कार्यक्रम में जाने वाले थे.

'द कश्मीर फाइल्स' के फिल्म मेकर विवेक अग्निहोत्री का कोलकाता में बुक साइनिंग इवेंट था. 20 अप्रैल को. लेकिन उसी दिन अग्निहोत्री ने ट्वीट कर बताया कि इवेंट की जगह बदल दी गई है. “सुरक्षा कारणों” की वजह से. विवेक अग्निहोत्री ने लिखा कि उन्हें बताया गया कि यह एक मुस्लिम क्षेत्र है और सुरक्षित नहीं है. उनके इस ट्वीट पर तृणमूल कांग्रेस के विधायक बाबुल सुप्रियो ने जवाब दिया. इसके बाद से दोनों में ट्विटर पर जंग छिड़ी हुई है.
क्या था विवेक अग्निहोत्री का ट्वीट?20 अप्रैल को विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा,
“मैं आप सबको बताना चाहता हूं कि सुरक्षा कारणों की वजह से किताब ‘अर्बन नक्सल्स’ के बुक साइनिंग इवेंट की जगह बदल दी गई है. पहले इवेंट क्वेस्ट मॉल में था लेकिन अब स्टारमार्क बुक शॉप साउथ सिटी मॉल में है. मुझे बताया गया है कि क्वेस्ट मॉल एक मुस्लिम क्षेत्र है, यह सुरक्षित नहीं है. नए बंगाल की ट्रेजेडी.’
इसी ट्वीट के आगे उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को टैग करते हुए लिखा,
“दोस्तों यह एक बेहद दुखद और चिंताजनक स्थिति है कि भारत में एक भारतीय लेखक को भारतीय मॉल में जाने की अनुमति नहीं है. क्योंकि उस क्षेत्र में मुस्लिम भारतीयों की आबादी ज्यादा है. ममता बनर्जी ने आधिकारिक तौर पर इन लोगों को एक मॉल को अवैध रूप से हाईजैक करने की अनुमति दी है. लेकिन विडंबना यह है कि किताब ‘अर्बन नक्सल्स’ है.”

अग्निहोत्री के ट्वीट पर TMC विधायक बाबुल सुप्रियो ने प्रतिक्रिया दी. सुप्रियो बालीगंज से विधायक हैं और क्वेस्ट मॉल इसी क्षेत्र में स्थित है. उन्होंने ट्विट पर लिखा,
“प्रिय विवेक अग्निहोत्री, आप फिल्म बिरादरी से मेरे एक सहयोगी हैं और आपकी पत्नी पल्लवी जी मुझे लंबे समय से से जानती हैं. क्वेस्ट मॉल मेरे विधायक निर्वाचन क्षेत्र बालीगंज में आता है. मैं यह जानकर परेशान हूं कि आपने जो कारण बताए उनकी वजह से आपने अपने इवेंट की जगह बदल ली.”

फिर बाबुल सुप्रियो को जवाब देते हुए विवेक अग्निहोत्री ने लिखा,
“मेरे प्रिय दोस्त बाबुल सुप्रियो. सुरक्षा कारणों की वजह से इवेंट को ट्रांसफर कर दिया गया है. मुझे बताया गया था कि यह एक मुस्लिम क्षेत्र है (एक सेक्युलर देश में) और वहां मेरी किताब अर्बन नक्सल्स पर साइन करना मेरे लिए सुरक्षित नहीं है. एक विधायक के रूप में क्या आप मेरी सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं? या आप भी मेरी तरह लाचार हैं?”
इसके बाद बाबुल सुप्रियो ने विवेक अग्निहोत्री पर तंज कसते हुए जवाब दिया. उन्होंने लिखा,
“मैं मजबूर नहीं हूं. मैं तब मजबूर था जब मैं साम्प्रदायिक पार्टी BJP में था. जिसने मुझे बिना किसी गलती के 'दंगेबाज' का खिताब दिलाया. कृपया एक दिन पहले कोलकाता आ जाएं. मैं आपको चुनौती देता हूं कि आप अपने जीवन का सबसे अच्छा बुक इवेंट करेंगे. और मैं व्यक्तिगत रूप से आपका ध्यान रखूंगा. तो ये खेल हो जाए?"
इसके बाद विवेक अग्निहोत्री ने फिर जवाब दिया. उन्होंने बाबुल सुप्रियो को बाबुल लिख दिया और कहा,
“आपको पहले से मेरे इवेंट के बारे में पता था लेकिन तब भी अपने निर्वाचन क्षेत्र में मेरी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सके. क्योंकि मॉल मुस्लिम इलाके में है और उन्होंने पॉश मॉल को हाईजैक कर लिया और आपकी सरकार मूकदर्शक बनी रही. कौन साम्प्रदायिक है, पूरा बंगाल जानता है, सिवाय उनके जिन्होंने मॉल को हाईजैक कर लिया. अब इस बात को छोड़ दें, सच को स्वीकार करें और संगीत की दुनिया में वापस आ जाएं. या फिर फुटबॉल?”
ये बहस आगे चलती रही. बाबुल सुप्रियो ने बताया कि उनको संगीत ज्यादा पंसद है. उन्होंने कहा कि वे सभी भारतीयों को समान मानते हैं लेकिन विवेक अग्निहोत्री केवल हिंदुओं को मानते हैं. जाते-जाते बाबुल सुप्रियो ने विवेक अग्निहोत्री को ये भी कह दिया कि जिस दिन वो बाबरी मस्जिद को गिराने वाले कारसेवकों पर एक फिल्म बना देंगे, उस दिन वो उनकी कला को स्वीकार कर लेंगे.

कुछ समय पहले विवेक अग्निहोत्री ने 'द कश्मीर फाइल्स' नाम की फिल्म बनाई थी. इस फिल्म को लेकर खूब विवाद हुआ था. फिल्म 1990 के दशक में कश्मीरी पंडितों की हत्या और उसके बाद कश्मीर घाटी से उनके पलायन पर आधारित है.
वीडियो: द कश्मीर फाइल्स के डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने नदाव लैपिड समेत बुद्धिजीवियों को चुनौती दे डाली

