The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • Visvabharati rape case: accused sentenced with life imprisonment

विश्व भारती रेप केस में फैसला, बांग्लादेशी रेपिस्ट को उम्रकैद

साल 2014 में हुआ था 12वीं में पढ़ने वाली विदेशी बच्ची से बलात्कार, आज आया फैसला.

Advertisement
Img The Lallantop
फोटो - thelallantop
pic
आशीष मिश्रा
2 जून 2016 (अपडेटेड: 3 जून 2016, 09:52 AM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share
आज से 95 साल पहले गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय शुरू किया था. 1901 में ये ब्रह्म विद्यालय कहलाता था फिर शांति निकेतन कहाया और बाद में विश्वभारती विश्वविद्यालय. ये पश्चिम बंगाल के बीरभूम में पड़ता है. इसे शुरू करते समय  रवीन्द्रनाथ ठाकुर का मानना था 'यत्र विश्वम भवत्येकनीडम' माने सारा विश्व जहां एक घोंसला/घर हो जाता है. जाहिर है, विदेशी छात्र भी यहां पढ़ते थे.
2014 के अगस्त की बात है. एक छात्र ने इसी विश्वविद्यालय के कैंपस में 12वीं की एक बच्ची का रेप किया. बच्ची बांग्लादेश से यहां पढ़ने आई थी. रेपिस्ट भी बांग्लादेशी था, उसका नाम सफिकुल इस्लाम था. 27 साल का सफिकुल यूनिवर्सिटी में रिसर्च स्कॉलर था. उसने बच्ची कारेप किया, उसका वीडियो बनाया और उसे धमकाने लगा. पहले तो बच्ची डर गई, दिसंबर में उसने अपने घरवालों को बताया तो बोलपुर थाने में एफआईआर कराई गई. इसके बाद बच्ची बांग्लादेश लौट गई. विश्व भारती ने भी सफिकुल को यूनिवर्सिटी से निकाल दिया था. इस केस पर बहुत बात हुई, एक तो ये सब इतनी जानी-मानी यूनिवर्सिटी में हुआ था दूसरे विदेशी बच्ची के रेप का मामला था और आरोपी भी बांग्लादेशी था. vlcsnap-2016-06-02-13h13m38s395 डेढ़ साल तक मामले में सुनवाई वगैरह चली और आज फैसला आया है. कोर्ट ने लड़के को दोषी माना है और उसको आजीवन कारावास की सजा हुई है. पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 4 में सजा हुई है. सजा होने लगी तो वो बोला कि हम घर तरफ से बहुत गरीब हैं, मेरी मम्मी नहीं हैं, घर में सिर्फ पैरालाइज्ड पापा हैं. अभी तो पढ़ लिख रहे थे.हमारी सजा कम कर दी जाए, लेकिन कोर्ट ने उसको आजीवन कारावास की सजा और दस हजार का जुर्माना लगाया है. साथ में 5 लाख का हर्जाना बच्ची को देने का आर्डर भी राज्य सरकार को दिया है.

Advertisement

Advertisement

()