सचिन ने सहवाग से कहा था, "आराम से खेल. छक्का मारने की कोशिश की तो इसी बल्ले सेमारूंगा." सहवाग 295 पर था. ज़मीन पाकिस्तान की थी. सहवाग ने जवाब दिया, "अगर सक़लैनआएगा तो मैं मारूंगा." सकलैन आया और सहवाग ने उसे छक्का मार दिया. सचिन की एक नहींसुनी. 301 रन. वही वीरेंदर सहवाग जो किसी की नहीं सुनता था, आज सबको सुना रहा है.सुना क्या पढ़ा रहा है. 140 कैरेक्टर में दुनिया की मौज ले रहा है. फ़ुल पॉवर ट्विटरसेलिब्रिटी बन गया है. इनके ट्वीट्स सैकड़ों की संख्या में रीट्वीट होते हैं. वो भीघंटे भर में ही. भयानक फॉलोविंग है. कोई कहता है सहवाग खुद लिखते हैं. कोई कहता हैकि इस आदमी ने किराए पे लड़के बिठा रखे हैं. जो भी हो, अपने को क्या? ट्वीट्स मस्तहोते हैं. अपने को तो उन्हीं से मतलब है. खैर, एक गजब बात बताई सहवाग ने. आपको यादहोगा रवीन्द्र जडेजा के मैन ऑफ़ द मैच जीतने पर सहवाग ने एक ट्वीट किया था.https://twitter.com/virendersehwag/status/803608421803048960 इस ट्वीट में पेटीएमका ज़िक्र आया है. इस ज़िक्र के सहवाग को पैसे मिले थे. हां! चौंको मत. सहवाग अपनेट्वीट्स से पैसे कमाते हैं.हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए सहवाग ने बताया कि कई ब्रांड्स उनसे टाई-अप करचुके हैं. सहवाग ने कहा कि मैं पहले ड्रेसिंग रूम में जोक्स मारता था. फिर क्रिकेटखतम हुआ और ट्विटर शुरू हुआ तो मैंने जोक्स सभी के साथ शेयर करने शुरू कर दिए. फिरवो खूब हिट हुए. मेरी फॉलोविंग बढ़ने लगी और कई ऐसे पोस्ट्स थे जिन्हें हज़ारों लोगोंने रीट्वीट किया.जब इतने मेरे ट्वीट्स सारे रीट्वीट और लाइक होने लगे तो मेरे पासस्पॉन्सर आये.ऐसे ही सहवाग ने दिवाली के बाद दिल्ली में फैले स्मॉग से आई समस्या पर एक एयरप्योरिफायर का फ़ोटो अपनी टाइमलाइन पर डाला था. ये भी एक तरह का ऐड था.https://twitter.com/virendersehwag/status/795265732170760192 ऐसे ऐड्स बहुत हीइन-डायरेक्ट होते हैं. ये सीधे से नहीं बोले जाते. बस आपके दिमाग में कुछ कीवर्ड्सडाल दिए जाते हैं. और जब आप अगली बार वो कीवर्ड सुनते हैं तो आपको याद आता है कि येशब्द आपने सहवाग के ट्वीट में सुना या देखा था. अक्सर ये कीवर्ड्स किसी ब्रांड कानाम ही होते हैं. सहवाग इसी तरह से पैसे कमा रहे हैं. मजे का मजा, पैसे का पैसा.य७ए काम भी सहवाग ही कर सकते हैं.