दिल्ली जैसे कंक्रीट के जंगल में कभी कभी चलती मेट्रो से बाहर देखो, तो मकानों कीकतारें देखकर दूर बसा अपना गांव याद आता है. और हम सोचते हैं कि हम कितनी दूर आ गएहैं. है न? लेकिन 6 नवंबर को चलती मेट्रो में कुछ ऐसा हुआ कि ऐसा लगा गांव दिल्लीमें उतर गया हो. चलती मेट्रो में कुछ औरतें गाने-नाचने लगीं. शहरी नहीं, ग्रामीणऔरतें. बिलकुल हमारी माओं, मौसियों, बुआओं और ताइयों जैसीं. ये वीडियो पोस्ट कियारितिका दहिया ने, इन्स्टाग्राम और फेसबुक पर. देखिए वीडियो. ये वीडियो वायरल हो रहाहै. सिर्फ इसलिए नहीं कि इसे देखकर आपका मनोरंजन होगा. बल्कि इसलिए कि रोजमर्रा कीजिंदगी में हम सब बोर हो जाते हैं, पर कभी कुछ नया नहीं करते. सोचते हैं कि हमारेपास ढेर सारे पैसे होते तो ये करते, वो करते. फलां जगह घूमने जाते. लेकिन लाइफ मेंस्पाइस लाने के लिए ज्यादा कुछ नहीं करना होता. बस जूनून होना चाहिए. इन्हें देखिएकितनी मस्ती में नाच रही हैं. बिना ये सोचे कि शहरी लोग इनके बारे में क्या सोच रहेहैं.