लगता है विरोध की चिंगारी निकल पड़ी है. तभी तो एक के बाद एक वीडियो सामने आ रहेहैं. पहले BSF के जवान की शिकायत, फिर CISF के जवान का दर्द और फिर आर्मी के जवानका स्टिंग, जिसमें अफसरों पर बूट पॉलिश करने का इल्ज़ाम लगा. लेकिन इस बार का वीडियोआर्मी का नहीं है. बल्कि उसका है, जिसको लोग करप्ट बता देते हैं. ठुल्ला बता देतेहैं. और कहते हैं कि ये कभी वक्त पर नहीं पहुंचती. यानी पुलिस. वो भी उत्तर प्रदेशकी पुलिस. एटा में तैनात पुलिस वाले ने फेसबुक पर वीडियो अपलोड किया है और सीनियरअफसर पर उत्पीड़न करने का इल्ज़ाम लगाया है. इस तरह के वीडियो सामने आना सिस्टम परसवाल खड़े करता है. सर्वेश चौधरी का कहना है कि वो यूपी के एटा में पुलिस कॉन्स्टेबलके पद पर तैनात हैं. मथुरा के रहने वाले हैं. सर्वेश चौधरी ने भी पीएम नरेंद्र मोदीके नाम ही वीडियो जारी किया है. उनका कहना है कि सीनियर अफसर शोषण करते हैं. शिकायतकरने पर और भी ज्यादा शोषण होता है. अब डर इस बात का है कहीं ये शोषण इस वीडियो केसामने आने के बाद और न बढ़ जाए. जब शिकायत पर शोषण होता है तो वीडियो का सामने आनातो उन अफसर के के सामने और भी बड़ा गुनाह होगा. जवानों के वीडियो सामने आने के बादये ही ख़बरें आ रही हैं कि उनसे मोबाइल छीन लिए गए. बीवियां इल्ज़ाम लगा रही हैं किउनके साथ गलत किया जा रहा है. हम सिर्फ वीडियो शेयर कर सकते हैं. उसे लोगों तकपहुंचा सकते हैं. मगर जांच करने वाले भी वही अफसर हैं. और शिकायत सुनने वाले भी.ऐसे में क्या जांच होगी वो सोचने वाली बात है.क्या कहा वीडियो मेंसर्वेश ने कहा, ' मैं मोदी जी से एक अपील करना चाहता हूं. हमारे भारत में पुलिसएक्ट 1861 अभी तक क्यों चल रहा है. पहले तो अंग्रेज़ हमारा शोषण करते थे. अब अधिकारीहमारा करते हैं. मैं 2011 बैच का कॉन्स्टेबल हूं. अब तक मेरा पांच बार ट्रांसफरकिया जा चुका है और दो या तीन बार सस्पेंड भी किया जा चुका है. एक बार विभाग के हीएक क्लर्क ने मुझे पे स्लिप जारी करने के लिए 5,000 रुपये के घूस की मांग की. इसघटना की शिकायत SSP से करने पर मुझे ही निलंबित कर दिया गया. तीन चार महीने निलंबितरहा. निलंबन के दौरान पिछले एक साल से मुझे वेतन भी नहीं मिला है. जब से मैं पुलिसफोर्स से जुड़ा हूं, मेरा उत्पीड़न हो रहा है. हम 24 घंटे की ड्यूटी करते हैं. कभीकभी बिना खाने के भी ऐसा करना पड़ता है. हमारे पास रहने के लिए क्वार्टर नहीं है औरहमें छुट्टियां भी नहीं मिलती है. गृह जनपद इसलिए ख़त्म नहीं करना चाहते क्योंकि येअपराध ख़त्म हो जाएगा. अधिकारी सोचते हैं अगर गृह जनपद ख़त्म हो जाएगा तो हमें कौनपूछेगा. पुलिस वाले बीमारी से ग्रसित हैं. पेंशन व्यवस्था ख़त्म कर दी गई. आर्मी कोमिलती है. ठीक है. क्या हम घर से दूर नहीं रहते हैं. हमें भी पेंशन मिलनी चाहिए.हमें वेतन भी कम मिलता है. हम सिपाही बहुत परेशान हैं. हमारी परेशानी को भी दूरकरें.' जवानों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर तो बैन हो गया. अब पुलिस वाले ने अपनीपरेशानी ओ सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया है. जांच होने की उम्मीद कम इस बात का डरज्यादा है कहीं पुलिस के लिए भी कोई ऐसा आर्डर न आ जाए कि सोशल मीडिया पुलिस वालेदूर रहे नहीं तो इतने महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा.ये रहा वीडियो देख लो-------------------------------------------------------------------------------- ‘अगर मेरे पति पागल हैं, तो क्यों दी हुई है बंदूक’जवान बिना इजाज़त सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो नहीं करेंगे शेयर‘आर्मी अफसर जितना प्रताड़ित करते हैं, कोई और होता तो सुसाइड कर लेता’इस BSF जवान को जली रोटी खाकर ड्यूटी देनी पड़ रही है: वायरल वीडियोBSF के अफसर बाज़ार में आधे दाम पर बेच रहे हैं राशन!बख्श दो, सरहद पर खड़ा ये जवान गोलियों से नहीं गालियों से मर जाएगा