पाकिस्तानी आर्टिस्ट की घरवापसी तो हो ली. अब इंडियन आर्टिस्ट्स की छीछालेदर कीबारी आई है. जिनको तालियों की जगह गालियां मिल रही हैं उनकी बात न करो. नवाजुद्दीनसिद्दीकी की बात करो. उनके गांव में रामलीला होने वाली है. नवाज करने वाले थे रावणके मामा मारीचि का रोल. लेकिन उनके नाम ने खेल यानी रोल बिगाड़ दिया. उसी के आधारपर नवाज से रोल छिन गया. मुजफ्फरनगर शिवसेना के सीनियर लीडर मुकेश शर्मा बोले"नवाजुद्दीन नाम का आदमी रामलीला में नहीं एक्ट कर सकता. 50 साल के इतिहास में किसीऐसे आदमी ने रोल नहीं किया है जिसके पीछे दीन लगा हो." बाकी सब तो समझ ही गए होगे.वहां रिहर्सल करने पहुंचे थे नवाज तो शिवसेना के लोगों ने हलगुम्मा शुरू कर दिया.नारा वारे होने लगे. नवाज लौट आए अपने घर. बड़े दुखी से थे. फेसबुक पेज पर अपनेउद्गार लिखे. कि बचपन से उनका सपना था गांव की रामलीला में एक्टिंग का. वो सपना इसबार पूरा नहीं हुआ. लेकिन उम्मीद है अगले साल होगा. शायद उनको उम्मीद हो कि येधार्मिक उन्माद ठंडा पड़ जाए. या धर्म के नाम पर अपनी दुकान चलाने वाले शटर गिराकरवैष्णो देवी चले जाएं. खैर उम्मीद बनी रहनी चाहिए. किसी शायर ने कहा है- कोई उम्मीदन होती तो खत्म हो जाती किसी उम्मीद पर कायम जरूर है दुनिया और इसी उम्मीद के साथनवाज ने अपने रोल के रिहर्सल का वीडियो भी पोस्ट किया है. शिवसेना वालों की नजर अबतक इस पर पड़ी नहीं शायद नहीं तो जकरबर्ग को फोन करके फेसबुक से हटवा चुके होते.[facebook_embedded_posthref="https://www.facebook.com/NawazuddinSiddiqui/videos/1515763538439095/"]--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें: पाकिस्तान पर अगला सर्जिकल स्ट्राइक अदनान सामी की अगुआई में हुआ हैसलमान ख़ान 'गद्दार' है, पाकिस्तानियों की साइड ली है! है न? ओम पुरी को गाली देनेवाले अपनी गाली चाट लेंगे, जब ये जानेंगे