The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • News
  • viral video, images of Syrian women burning burqa and men shaving head after being rescued from ISIS

मुल्लाशाही से छुटकारा मिलते ही जला डाला बुर्का, नोच डाली दाढ़ी

ये वीडियो देखिए, इन तस्वीरों पर नज़र मारिए, आपको आज़ाद होने का मतलब समझ आ जाएगा.

Advertisement
pic
22 जुलाई 2017 (अपडेटेड: 22 जुलाई 2017, 02:12 PM IST)
Img The Lallantop
तस्वीर: डेली मेल.
Quick AI Highlights
Click here to view more
ये तस्वीरें अच्छी हैं. बल्कि बहुत अच्छी हैं. अगर आप इनकी मूल भावना से खुद को रिलेट कर पाएं, तो ये तस्वीरें आपको इमोशनल भी कर सकती हैं. एक ज़बरदस्ती की व्यवस्था से ज़रा सी आज़ादी मिलते ही इन लोगों ने उस व्यवस्था के प्रतीकों को हवा में उड़ा दिया. ठोकरों पर धर लिया. ये इनके लिए खुली हवा में सांस लेने जैसा था. गले में फंसे किसी फंदे को उतार फेंकने जैसा था.
कट्टर इस्लामी संगठन ISIS के खौफ़ तले जी रहे सीरिया के लोगों पर से जब उनका ख़ूनी पंजा हट गया, तो सबसे पहले उन्होंने उन चीज़ों से मुक्ति पा ली जो उन पर थोपी गई थी. जिन्हें एक खौफ़ की वजह से वो ढो रहे थे. जो उनपर ये कहकर लाद दी गईं थी कि यही असली इस्लाम है. सीरिया के रक्का शहर में इन लोगों को सीरियाई फ़ौज ने मुक्त किया. टॉर्चर की और बर्बरता की कहानियों के बीच ये तस्वीरें भी वायरल हुईं, जो बताती हैं कि ये लोग एक भयंकर घुटन में जी रहे थे.
इन लोगों ने आज़ाद होते ही सबसे पहले उन इस्लामी प्रतीकों से पीछा छुड़ा लिया, जो वो अपनी मर्ज़ी से नहीं बल्कि डर की वजह से ढोए जा रहे थे. महिलाओं ने अपने बुर्के जला डाले. मर्दों ने दाढ़ी से छुटकारा पा लिया. शेव कर ली.
isis6
तस्वीर: डेली मेल.

इन लोगों को जल्दी थी. जल्दी थी हर उस चीज़ से छुटकारा पाने की, जो ISIS से उनका किसी भी तरह का रिश्ता बयां कर सके. औरतों की बुर्के को उतार फेंकती तस्वीरें उनका फ्रस्ट्रेशन लेवल बयान करने के लिए काफी हैं.
isis7

ISIS ने अपनी हुकूमत के दौरान सख्त ड्रेस कोड़ लागू कर रखा था. मर्दों को ऊंचे पाजामे और दाढ़ी रखना अनिवार्य था. औरतें बिना बुर्के के बाहर निकल ही नहीं सकती थीं. अब जैसे ही ISIS का डंडा हट गया, लोग इस घुटन से बाहर निकल आएं.
isis5

इस घटना के साथ-साथ ISIS की बर्बरता के किस्से भी सामने आ रहे हैं. इस वीडियो को देख कर महसूस होता है कि ये लोग किस बेबसी सी ज़िंदगी से गुज़र कर आए हैं. इस वीडियो में एक महिला रोती हुई कहती है कि ISIS ने उसके पिता और पति को तब मार डाला जब वो घर के बाहर खड़े थे.
देखिए ये इमोशनल कर देने वाला वीडियो:

एक और अपने बुर्के को ज़मीन पर पटकती हुई कहती है,
“इसे जला दो. अल्लाह ISIS को इसी तरह जलाए. उन्होंने मेरे पिता को जलाया था.”
एक आदमी नाई से शेव बनवाते वक्त कहता है,
“इसे काट दो. ताकि उनका अपमान हो सके.”
मज़हब को पहनावे तक महदूद कर देने वाले ISIS जैसे बर्बर संगठन का ये सांकेतिक विरोध बताता है कि लोग किस तरह त्रस्त हैं. पहनावे की, वेशभूषा की इन पाबंदियों को जनता मर्ज़ी से नहीं, मजबूरी में अपनाती है. और जैसे ही मौक़ा मिलता है वो इस जेल से मुक्ति पा लेते हैं.
ये तस्वीरें उन तमाम लोगों की नीयत पर सवालिया निशान छोड़ जाती हैं, जो कहते हैं मज़हब पहनावे को चुनने की पूरी आज़ादी देता है.isis4



ये भी पढ़ें:

इंडियन आर्मी ने फ़िल्मी स्टाइल में 3 आतंकियों को मार गिराया, पढ़िए कहानी

ये ख़बर पढ़िए और तय कीजिए, हिंदू-मुस्लिम-ईसाई में कौन सबसे ज़्यादा ख़राब है

पैगंबर के खिलाफ़ फेसबुक पर लिखा, तो पंचायत ने सुनाई ये सज़ा

Advertisement

Advertisement

()